
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता लगातार बिगड़ने और वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर पर पहुंचने की आशंका के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने कड़ा कदम उठाया है। सीएक्यूएम की ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) उप-समिति ने एहतियाती उपाय के तौर पर पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में ग्रैप का तीसरा चरण (GRAP-3) लागू करने का फैसला किया है। इस कड़े फैसले के लागू होते ही दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत में निर्माण गतिविधियों, वाहनों की आवाजाही और दफ्तरों को लेकर कई सख्त पाबंदियां प्रभावी हो गई हैं।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए 9-सूत्रीय एक्शन प्लान लागू
आमतौर पर ग्रैप का तीसरा चरण तब लागू किया जाता है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 401 से 450 के बीच यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज होता है। हालांकि, मौसम के रुख और प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए सीएक्यूएम ने इसे पूर्व-चेतावनी के आधार पर लागू करने का आदेश दिया है। इसके तहत सभी संबंधित राज्य सरकारों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और स्थानीय प्राधिकरणों को 9-सूत्रीय विशेष कार्ययोजना को सख्ती से जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों पर पूर्ण रोक
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के अनुसार, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए वाहनों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। दिल्ली के साथ-साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में BS-III (पेट्रोल) और BS-IV (डीजल) की चार पहिया गाड़ियों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह पाबंदी दिल्ली की गाड़ियों के साथ-साथ एनसीआर और बाहरी राज्यों से आने वाले निजी वाहनों पर भी समान रूप से लागू होगी। हालांकि, दिव्यांगजनों के निजी उपयोग के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
पुराने और बाहरी मालवाहक डीजल वाहनों के प्रवेश पर ताला
मालवाहक वाहनों से निकलने वाले धुएं पर लगाम कसने के लिए दिल्ली में पंजीकृत BS-IV या उससे पुरानी तकनीक वाले मध्यम मालवाहक वाहनों (MGV) के चलने पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, दिल्ली से बाहर पंजीकृत BS-IV डीजल हल्के वाणिज्यिक वाहनों (LCV) को राजधानी की सीमाओं में दाखिल होने की इजाजत नहीं होगी। राहत की बात यह है कि आवश्यक वस्तुओं (जैसे दूध, फल, सब्जियां, दवाएं) की आपूर्ति और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाणिज्यिक वाहनों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
धूल फैलाने वाले निर्माण, तोड़फोड़ और खनन कार्य पूरी तरह बंद
एनसीआर में हवा में घुलते धूलकणों को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर निर्माण और ध्वस्तीकरण (C&D) कार्यों को फौरी तौर पर बंद करने का निर्देश जारी किया गया है।
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इन कार्यों पर रहेगी पूरी पाबंदी: सभी तरह के बोरिंग, ड्रिलिंग, पाइलिंग, खुली खुदाई, सीवर व केबल बिछाने के काम, ईंट चिनाई, आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) प्लांट, बड़े स्तर पर वेल्डिंग व गैस कटिंग, पेंटिंग, पॉलिशिंग, प्लास्टर, टाइल-पत्थर काटने व घिसने, नई सड़कों के निर्माण और मलबे की खुली ढुलाई पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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स्टोन क्रशर और माइनिंग बंद: पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशर यूनिट्स और सभी प्रकार के खनन व उनसे संबंधित गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।
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इन्हें मिलेगी सशर्त छूट: राष्ट्रीय महत्व के रक्षा प्रोजेक्ट, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, मेट्रो रेल, एयरपोर्ट, बस टर्मिनल, हाईवे-एक्सप्रेसवे, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और आवश्यक पाइपलाइन जैसी महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्माण जारी रखने की अनुमति होगी, बशर्ते वे धूल नियंत्रण और अपशिष्ट प्रबंधन के कड़े मानकों का पालन करें।
कक्षा 5वीं तक हाइब्रिड मोड में चलेंगे स्कूल
बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में प्राथमिक स्तर (कक्षा पांचवीं तक) के लिए हाइब्रिड मोड की व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत छात्र-छात्राएं स्कूल जाने या ऑनलाइन क्लास में शामिल होने का विकल्प चुन सकते हैं। अभिभावकों की सहमति से ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी। एनसीआर के अन्य जिलों में संबंधित राज्य सरकारें परिस्थितियों की समीक्षा कर हाइब्रिड कक्षाओं पर निर्णय ले सकती हैं।
दफ्तरों में 50 फीसदी स्टाफ के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH)
सड़कों पर ट्रैफिक और वाहनों का उत्सर्जन घटाने के उद्देश्य से दिल्ली और एनसीआर के संबंधित राज्यों को सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत तक सीमित करने का निर्देश दिया गया है। शेष 50 फीसदी कर्मियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की अनुमति देने की सलाह दी गई है। वहीं, केंद्र सरकार के कार्यालयों में कर्मचारियों के लिए घर से काम करने का निर्णय केंद्र सरकार के स्तर पर लिया जाएगा।
गुरुग्राम में अवैध पटाखों पर सख्त हंटर, 41 एफआईआर दर्ज
दिवाली और त्योहारों के दौरान पटाखों से होने वाले जानलेवा प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त उत्तम सिंह के निर्देशों पर गुरुग्राम में अवैध भंडारण और बिक्री के खिलाफ व्यापक छापेमारी की गई, जिसके तहत 41 मामलों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर भारी मात्रा में अवैध पटाखे जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, प्रदूषण नियमों और वर्क फ्रॉम होम के निर्देशों का उल्लंघन करने वाले कई व्यावसायिक संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
आम नागरिकों के लिए CAQM की जरूरी एडवाइजरी
वायु गुणवत्ता आयोग ने आम लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण के इस दौर में व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग करें। इसके लिए कम दूरी के सफर के लिए पैदल या साइकिल का उपयोग करने, ऑफिस आने-जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन व कारपूलिंग अपनाने और संभव होने पर घर से काम करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, ठंड से बचने के लिए खुले में कोयला, लकड़ी या सूखा कचरा न जलाने तथा सुरक्षा गार्डों व घरेलू सहायकों को हीटर जैसी बिजली आधारित सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।
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