
अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन धरा अयोध्या में दीपोत्सव-2026 का उल्लास अपने चरम पर पहुंच चुका है। शनिवार को साकेत महाविद्यालय के प्रांगण से जैसे ही भव्य और कलात्मक झांकियों का विशाल काफिला रवाना हुआ, पूरा रामपथ आध्यात्मिक तरंगों और भक्तिरस से सराबोर हो उठा। प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों को जीवंत करती इन झांकियों के दीदार के लिए रामपथ के दोनों ओर लाखों श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। लोग हाथ जोड़कर और नतमस्तक होकर इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने।
1 किलोमीटर लंबा झांकियों का काफिला, सजीव हुए रामायण कालीन प्रसंग
साकेत महाविद्यालय से शुरू हुई इस मनमोहक शोभायात्रा में सुसज्जित झांकियां हर किसी को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। करीब एक किलोमीटर लंबा झांकियों का यह काफिला धीरे-धीरे रामपथ पर आगे बढ़ रहा है। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सजीव झांकियों ने समूचे मार्ग को त्रेतायुगीन वैभव में बदल दिया है। भगवान श्रीराम के बालरूप से लेकर लंका विजय और अयोध्या आगमन तक के विभिन्न प्रसंगों को देखकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए।
साकेत महाविद्यालय से लता मंगेशकर चौक तक 3 किमी का सफर
यह भव्य शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए करीब 3 किलोमीटर की दूरी तय कर नया घाट स्थित प्रसिद्ध लता मंगेशकर चौक पर संपन्न होगी। रास्ते भर सड़क के दोनों किनारों, मकानों की छतों और बालकनियों पर खड़े श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर झांकियों और कलाकारों का आत्मीय स्वागत किया। पूरा मार्ग ‘जय श्रीराम’ और ‘जय सियाराम’ के गगनभेदी जयकारों से लगातार गुंजायमान रहा।
ड्रोन कैमरों और जवानों की पैनी नजर, सुरक्षा का अभेद्य घेरा
दीपोत्सव और शोभायात्रा को शांतिपूर्ण व व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। रामपथ पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने और सुगम यातायात बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स और सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात हैं। संवेदनशील व प्रमुख चौराहों पर पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं और सीसीटीवी व ड्रोन कैमरों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
रामनगरी में साकार हुई रामराज की परिकल्पना
रामपथ पर उमड़ी श्रद्धालुओं की यह अपार भीड़ अयोध्या की अद्वितीय सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक भव्यता को वैश्विक पटल पर उजागर कर रही है। दीपोत्सव के इस महाआयोजन में आधुनिक व्यवस्थाओं के बीच रामराज की परिकल्पना साकार होती दिखाई दे रही है। जनसैलाब के उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अयोध्या का दीपोत्सव अब जन-जन का महापर्व बन चुका है।
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