उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में गड़बड़ी और चुनाव आयोग के आधिकारिक ECINET पोर्टल की लॉग-इन आईडी के कथित दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आने के बाद निर्वाचन आयोग ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। पीलीभीत जिले में सामने आई अनियमितता के तुरंत बाद प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने पूरे राज्य के सभी जिलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) कार्यालयों में तैनात कंप्यूटर सहायकों यानी मतदाता पंजीकरण केंद्र (VRC) ऑपरेटरों की लॉग-इन आईडी तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय (डी-एक्टिवेट) करने का कड़ा फरमान जारी कर दिया है।
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को सख्त निर्देश, पोर्टल पर अनधिकृत पहुंच पर रोक
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों के अंतर्गत आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों में तैनात मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटरों की ECINET लॉग-इन आईडी को फौरन बंद कराएं। इस त्वरित कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आउटसोर्स या अनुबंध पर तैनात ऑपरेटरों के जरिए पोर्टल पर होने वाली किसी भी प्रकार की संदिग्ध व अनधिकृत गतिविधि पर पूरी तरह लगाम लगाना है। आयोग ने साफ किया है कि पोर्टल का एक्सेस केवल अधिकृत प्रशासनिक अधिकारियों के पास ही सुरक्षित रहेगा।
केवल आईडी बंद करना काफी नहीं, ERO को देनी होगी पुष्टि रिपोर्ट
आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी सिर्फ आईडी निष्क्रिय करने तक सीमित नहीं रहेगी। सभी संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) से अनिवार्य रूप से लिखित पुष्टि कराई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी खुद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में की गई इस कार्रवाई का भौतिक व तकनीकी सत्यापन करेंगे और इसकी अनुपालन रिपोर्ट (कंप्लायंस रिपोर्ट) तत्काल मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को प्रेषित करेंगे, ताकि कहीं भी कोई तकनीकी खामी न रह जाए।
पीलीभीत मामले में आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवाएं तत्काल समाप्त
यह पूरा मामला विधानसभा क्षेत्र संख्या 127-पीलीभीत से जुड़ा है, जहां ECINET पोर्टल की लॉग-इन आईडी के अनाधिकृत दुरुपयोग और छेड़छाड़ की गंभीर शिकायतें व पुख्ता सूचनाएं आयोग तक पहुंची थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कड़ा एक्शन लेते हुए संबंधित आउटसोर्स कंप्यूटर सहायक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के निर्देश सेवा प्रदाता फर्म को दे दिए हैं। इसके साथ ही आरोपी के खिलाफ प्रशासनिक व विभागीय जांच भी तेज कर दी गई है।
मतदाता सूची की शुचिता और सुरक्षा से समझौता नहीं: मुख्य निर्वाचन अधिकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मतदाता सूची के निर्माण, संशोधन और उसकी तकनीकी सुरक्षा में शुचिता और पारदर्शिता आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मतदाता सूची के डेटा से छेड़छाड़ या लापरवाही के किसी भी मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। पीलीभीत की घटना से सबक लेते हुए पूरे प्रदेश में एक साथ उठाया गया यह कदम मतदाता सूची की सुरक्षा को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में आयोग का बड़ा प्रशासनिक प्रहार माना जा रहा है।
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