
पंजाब के सियासी दंगल में आम आदमी पार्टी ने अपने प्रतिद्वंद्वियों से बाजी मारते हुए शनिवार को उम्मीदवारों की पहली सूची का बिगुल फूंक दिया है। पार्टी हाईकमान ने पहली खेप में 40 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नामों पर अंतिम मुहर लगा दी है। राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान अपनी परंपरागत व मौजूदा सीट धूरी (संगरूर) से ही दोबारा चुनावी समर में उतरेंगे। नई दिल्ली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर आयोजित पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की मैराथन बैठक के बाद इस पहली सूची को सार्वजनिक किया गया।
37 मौजूदा विधायकों पर बरकरार रहा भरोसा, 3 हारी सीटों पर भी नए दांव
पार्टी के इस शुरुआती दांव में सबसे दिलचस्प पहलू यह रहा कि घोषित 40 नामों में से 37 मौजूदा विधायकों के टिकट बरकरार रखे गए हैं, जबकि शेष 3 सीटें वे हैं जहां पार्टी को साल 2022 के चुनाव में पराजय का स्वाद चखना पड़ा था। पार्टी ने लुधियाना वेस्ट विधानसभा क्षेत्र से संजीव अरोड़ा, अमृतसर दक्षिण से डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, तरनतारन से हरमीत सिंह संधू, होशियारपुर से ब्रह्म शंकर शर्मा जिम्पा और फतेहगढ़ साहिब से लखबीर सिंह राय पर अपना चुनावी दांव खेला है। वहीं मोगा सीट से मौजूदा महिला विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा को फिर से मैदान में उतारा गया है। पेशे से चिकित्सक डॉ. अरोड़ा ने 2022 के रण में मशहूर फिल्म अभिनेता सोनू सूद की बहन व कांग्रेस प्रत्याशी मालविका सूद को 20,915 मतों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी।
धूरी में फिर गरजेंगे भगवंत मान, केजरीवाल पहले ही सौंप चुके हैं कमान
जट्ट सिख परिवार से ताल्लुक रखने वाले और संगरूर से दो बार सांसद रह चुके भगवंत मान इस समय पंजाब में आम आदमी पार्टी के सबसे कद्दावर और सर्वमान्य चेहरे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में भगवंत मान ने धूरी सीट पर ऐतिहासिक विजय हासिल करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के दलवीर सिंह गोल्डी को रिकॉर्ड 58,206 वोटों के भारी अंतर से धूल चटाई थी, जहां मान के खाते में कुल 82,592 वोट आए थे। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि आने वाला विधानसभा चुनाव पूरी तरह से भगवंत मान के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।
कैबिनेट मंत्रियों के नाम पहली सूची से नदारद, दिल्ली में हुई प्रेस वार्ता
इस पहली सूची की एक बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें मौजूदा सरकार के किसी भी कैबिनेट मंत्री का नाम शामिल नहीं किया गया है। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के आवास पर पीएसी की बैठक में मुहर लगने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने संयुक्त रूप से एक अहम पत्रकार वार्ता के दौरान उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया।
विपक्ष के नैरेटिव पर करारी चोट, आचार संहिता से पहले टिकट देकर चौंकाया
चुनाव आयोग द्वारा चुनावी तारीखों के एलान और आदर्श आचार संहिता लागू होने से काफी पहले प्रत्याशियों को मैदान में उतारने के पीछे पार्टी की एक सोची-समझी चुनावी रणनीति मानी जा रही है। इसका मुख्य मकसद यह है कि उम्मीदवारों को अपने-अपने हलकों में घर-घर पहुंचकर प्रचार करने और मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ पुख्ता करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। दरअसल विपक्षी दल लगातार यह नैरेटिव गढ़ने की जुगत में लगे थे कि राज्य में आम आदमी पार्टी सत्ता विरोधी लहर के चलते वापसी नहीं कर पाएगी। पार्टी ने दो बार के विजेताओं और बड़े राजनीतिक कद वाले मजबूत चेहरों को पहली ही सूची में मैदान में उतारकर विपक्ष के इस नैरेटिव को सीधे तौर पर ध्वस्त किया है और यह कड़ा राजनीतिक संदेश दिया है कि ‘आप’ पूरे दमखम और आत्मविश्वास के साथ दोबारा सत्ता में लौटने के लिए तैयार है।
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