
देशभर में मौसम के मिजाज में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की तीव्रता पहले से कुछ कम जरूर हुई है, लेकिन इसका असर अभी पूरी तरह थमा नहीं है। आज कई राज्यों में तेज अंधड़ और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की गति 95 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश के साथ ठंड की दस्तक चक्रवात ‘अर्नब’ का सीधा प्रभाव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में साफ तौर पर देखा जा रहा है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में बीती रात से शुरू हुआ तेज हवाओं और बारिश का दौर आज सुबह भी जारी रहा। सुबह-सुबह हुई बरसात और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सिहरन बढ़ गई है। दोपहर से पहले हल्की से मध्यम बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है, जबकि कल आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
यूपी के 49 और बिहार के 33 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट उत्तर प्रदेश के 49 जिलों में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। इनमें नोएडा, मेरठ और गोरखपुर समेत 43 जिलों में भारी बारिश को लेकर ‘येलो अलर्ट’ घोषित किया गया है, जबकि 6 जिलों में अत्यधिक तेज आंधी और भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। पड़ोसी राज्य बिहार में भी तूफान ‘अर्नब’ के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। यहां के 33 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है और कई क्षेत्रों में लगातार पानी गिर रहा है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कैसा रहेगा मिजाज मध्य भारत में भी तूफान का व्यापक असर दिख रहा है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आगामी कुछ दिनों तक मौसमी गतिविधियां तेज रहेंगी; खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। झारखंड के 15 जिलों में तेज आंधी और पानी की चेतावनी दी गई है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में आज और पूर्वी राजस्थान में 1 नवंबर तक रुक-रुक कर बरसात होने के आसार हैं।
दक्षिण और पूर्वी भारत में भारी वर्षा का अनुमान हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और बूंदाबांदी का अनुमान है। पूर्वी भारत की बात करें तो पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 31 अक्टूबर तक व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि उत्तरी ओडिशा में कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा की चेतावनी है। दक्षिण भारत के राज्यों में 4 नवंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जिसमें तटीय आंध्र प्रदेश में 1 से 4 नवंबर के बीच अच्छी बरसात की उम्मीद है।
पहाड़ों पर बारिश से लुढ़का पारा पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 2 नवंबर तक अलग-अलग स्थानों पर बारिश का अनुमान जताया गया है, जिससे पहाड़ी इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई है। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी आज हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।
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