
झांसी। रेलवे स्टेशनों पर अब अपराधियों और संदिग्ध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए क्यूआरटी का पहरा रहेगा। क्यूआरटी टीम यानि जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहती है, ये टीमें सादा वर्दी में तैनात होकर 24 घंटे स्टेशन परिसर पर निगरानी रखेंगी। इसकी शुरुआत वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन से हुई है।
रेलवे पुलिस ने इसे यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है। सभी स्टेशन पर क्यूआरटी की टीमें होंगी और हर टीम में आठ जवान तैनात किए गए हैं। इन टीमों की निगरानी के लिए एक सब इंस्पेक्टर को प्रभारी बनाया जाएगा, जो सीधे जीआरपी थाना प्रभारी को रिपोर्ट करेगा।
सौ ट्रेनों में है कड़ा सुरक्षा का पहरा
झांसी रेलवे जंक्शन से गुजरने वाली ट्रेनों में कड़ा सुरक्षा का पहरा दिया जा रहा है। ट्रेन में मौजूद स्क्वाएड द्वारा फॉर्म भी भरवाया जा रहा है ताकि कोई भी वारदात हुई तो संदिग्ध लोगों की गतिविधियों के बारे में पता चलेगा। बताते हैं कि प्रत्येक ट्रेन में स्क्वाएड तैनात है। वह ट्रेनों में होने वाली हर गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, झांसी अनुभाग में चोरी की वारदातों पर पूरी तरह से अंकुश है, मगर झांसी अनुभाग से मध्य प्रदेश के भी रेलवे स्टेशन हैं। इन स्टेशनों पर आए दिन चोरी की वारदातें हो रही है। यहां होने वाली चोरी की घटनाओं को जबरन झांसी अनुभाग में दर्शाया जा रहा है। पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं में पकड़े गए बदमाशों ने खुलासा किया था।
आसामाजिक गतिविधियों पर लगेगी रोक
रेलवे पहले भी ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए आरपीएफ के जवानों की तैनाती करता था, लेकिन यह सुविधा ज्यादातर रात्रि के समय और कुछ ही गाड़ियों में रहती थी, लेकिन अब यह सेवा रेलवे ने परमानेंट कर दी है। इसके तहत एक्सप्रेस और सुपर फास्ट ट्रेनों में प्रत्येक वक्त हर कोच में आरपीएफ और जीआरपी के जवान मौजूद रहेंगे। साथ ही प्रत्येक एक्सप्रेस और सुपर फास्ट ट्रेनों के कोचों और इंजनों में सीसीटीवी कैमरों से आसामाजिक गतिविधियों पर निगरानी भी की जा रही है।
अपराध नियंत्रण में मददगार
एसपी जीआरपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि क्यूआरटी टीम ने बीते जिनों कई अपराधियों को दबोचने में अहम भूमिका निभाई है। इनका इनपुट न सिर्फ सटीक रहा है, बल्कि तुरंत कार्रवाई में मददगार भी साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि क्यूआरटी को तकनीकी रुप से भी मजबूत किया जा रहा है। इंटरनेट आधारित निगरानी सिस्टम और एडवांस जीपीएस तकनीक से इसे लैस करने की योजना है। इसका उद्देश्य है कि टीम किसी भी स्थान पर तुरंत पहुंचकर घटनास्थल पर स्थिति को नियंत्रित कर सके।
voice of india