Monday , 21 September 2026

बिजनौर में बंद ईंट-भट्ठे पर फेंके गए पटाखों के कचरे में भीषण विस्फोट: घास लेने जा रहे दो सगे भाई बुरी तरह झुलसे, मेरठ रेफर

बिजनौर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक रूह कंपा देने वाला हादसा सामने आया है। शेरकोट थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में एक बंद पड़े पुराने ईंट-भट्ठे के पास अवैध रूप से फेंके गए आतिशबाजी (पटाखे) के बारूदी कचरे में अचानक जोरदार धमाका हो गया। इस भीषण विस्फोट की चपेट में आने से बकरियों के लिए घास काटने जा रहे दो सगे नाबालिग भाई गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों की नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

साइकिल से घास लेने जा रहे थे दोनों भाई, धमाके से दहल उठा इलाका वाजिदपुर गांव निवासी चंद्रवीर सिंह के दो बेटे—रोहित (16 वर्ष) और रोहन (12 वर्ष)—रविवार शाम करीब 5:30 बजे साइकिल पर सवार होकर बकरियों के लिए चारा (घास) लेने जंगल की तरफ निकले थे। जैसे ही दोनों रास्ते में स्थित एक पुराने और बंद पड़े ईंट-भट्ठे के पास पहुंचे, वहां लावारिस हालत में डंप किए गए आतिशबाजी के वेस्ट मटेरियल में अचानक तीव्र विस्फोट हो गया। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी गूंज से आसपास का पूरा इलाका दहल उठा।

लहूलुहान होकर तड़प रहे थे मासूम, मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर विस्फोट की भयानक आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण फौरन घटनास्थल की ओर दौड़े। मौके पर दोनों भाई गंभीर रूप से झुलसी और रक्तरंजित हालत में दर्द से तड़प रहे थे। ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी और दोनों बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां हालत बेहद चिंताजनक पाए जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें बिजनौर जिला अस्पताल भेजा, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें जीवनरक्षक उपचार के लिए तत्काल मेरठ मेडिकल कॉलेज (हायर सेंटर) रेफर कर दिया।

पुलिस के खौफ से भट्ठे पर छिपाया गया था बारूदी कचरा, फैक्ट्री से 400 मीटर दूर हुआ हादसा हादसे की जानकारी मिलते ही एसडीएम धामपुर नितिन कुमार, सीओ धामपुर अंजनी कुमार चतुर्वेदी और शेरकोट थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही दमकल विभाग और फॉरेंसिक फील्ड यूनिट ने घटनास्थल का मुआयना कर तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए। घटनास्थल से महज 300 से 400 मीटर की दूरी पर एक पटाखा फैक्ट्री संचालित है। एएसपी पूर्वी ए. के. श्रीवास्तव ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि हाल ही में जिले में अवैध पटाखा निर्माण के खिलाफ चलाए गए प्रशासनिक चेकिंग अभियान के खौफ से फैक्ट्री संचालकों ने बारूदी वेस्ट मटेरियल को गुपचुप तरीके से बंद भट्ठे के पास ठिकाने लगा दिया था।

डीएम बोलीं- लाइसेंस और स्टॉक की जांच जारी, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि संबंधित पटाखा फैक्ट्री के वैध लाइसेंस, सुरक्षा मानकों और विस्फोटक सामग्री के स्टॉक रजिस्टर की गहन पड़ताल कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आबादी और रास्ते के पास ज्वलनशील कचरा फेंकने की इस आपराधिक लापरवाही में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

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