
लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक मशीनरी में शासन स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। योगी सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारियों में अहम बदलाव करते हुए नई पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट क्षेत्र वाराणसी विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्वभूषण मिश्रा को उनके मौजूदा पद से हटा दिया गया है। शासन ने उन्हें अब उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) में उपसचिव पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है।
मंदिर प्रशासन से हटाकर UPSSSC में दी गई नई जिम्मेदारी
शासन द्वारा जारी तबादला सूची के अनुसार, विश्वभूषण मिश्रा की नई पोस्टिंग उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में की गई है, जहां वह बतौर उपसचिव कामकाज संभालेंगे। अब तक वह श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और विशिष्ट क्षेत्र वाराणसी विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में मंदिर प्रबंधन और विकास कार्यों की कमान संभाल रहे थे। शासन के ताजा आदेश के बाद अब उन्हें मंदिर प्रशासन से विदा लेकर आयोग की भर्ती व प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़ी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा।
गाजियाबाद नगर निगम और ग्राम्य विकास में भी नए दायित्व
प्रशासनिक फेरबदल का यह दायरा सिर्फ धर्मनगरी वाराणसी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शासन ने कई अन्य अहम महकमों और संस्थानों में भी अधिकारियों के कार्यक्षेत्र बदले हैं। इसके तहत नगर निगम गाजियाबाद के अपर नगर आयुक्त पद पर तैनात अधिकारी और ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय में संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) समेत कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नए अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कई विभागों में व्यापक प्रशासनिक बदलाव
सरकार की ओर से किए गए इस फेरबदल के जरिए विभिन्न विभागों और संस्थाओं में व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से अधिकारियों को नई तैनातियां दी गई हैं। इनमें श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और विशिष्ट क्षेत्र वाराणसी विकास परिषद के सीईओ का पद भी शामिल है, जहां से विश्वभूषण मिश्रा को उपसचिव बनाकर आयोग भेजा गया है। वहीं, इस प्रशासनिक फेरबदल की जद में आए अन्य अधिकारियों को भी उनकी नई जिम्मेदारियों वाले पदों पर तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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