Monday , 14 September 2026

Trump Tariff Relief: भारी भरकम टैक्स लगाने वाले डोनाल्ड ट्रंप को इस शराब के आगे क्यों झुकना पड़ा? आयरिश व्हिस्की पर 10% टैरिफ हटाने का अचानक किया एलान

वाशिंगटन/डबलिन। दुनियाभर के उत्पादों पर ताबड़तोड़ टैरिफ और कड़े व्यापारिक प्रतिबंध लगाने के लिए मशहूर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आखिरकार एक खास शराब के आगे अपने कदम पीछे खींचने पड़े हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने रविवार को आयरलैंड में आयोजित ‘आयरिश ओपन’ गोल्फ टूर्नामेंट के समापन पर घोषणा की कि वह आयरिश व्हिस्की (Irish Whiskey) पर लागू 10 फीसदी आयात शुल्क (टैरिफ) को हटाने की योजना बना रहे हैं। उनके इस अप्रत्याशित एलान के बाद न केवल कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने जमकर जश्न मनाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय शराब उद्योग और अमेरिकी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर ने भी बड़ी राहत की सांस ली है।

ट्रॉफी समारोह में ट्रंप का खुलासा: ‘हर कोई मुझसे यही कह रहा था’

आयरिश ओपन के ट्रॉफी वितरण समारोह के दौरान माइक संभालते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने हल्के-फुल्के अंदाज में बताया कि इस फैसले के पीछे भारी कूटनीतिक और खेल जगत का दबाव था। उन्होंने कहा कि आयरलैंड के प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन और टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे कई दिग्गज गोल्फरों ने उनसे सीधे मिलकर इस टैरिफ को खत्म करने का पुरजोर आग्रह किया था।

ट्रंप ने विशेष रूप से आयरिश ओपन के विजेता स्टार गोल्फर शेन लोरी का नाम लेते हुए कहा, “शेन समेत हर कोई मुझसे इस एक मसले पर लगातार कह रहा था। आखिरकार मैंने कहा—संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से, मैं आयरिश व्हिस्की से यह टैरिफ हटा रहा हूं।” ट्रंप के इतना कहते ही पूरे स्टेडियम में दर्शकों ने सीटियां बजाकर और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस फैसले का स्वागत किया। हालांकि, यह छूट आधिकारिक रूप से किस तारीख से लागू होगी, इसकी औपचारिक समयसीमा तुरंत घोषित नहीं की गई है।

ब्रिटेन से छूट के बाद बना था असंतुलन, जुलाई में 15 से घटकर हुआ था 10 फीसदी

आयरिश व्हिस्की वर्तमान में यूरोपीय संघ (EU) से अमेरिका आने वाले अधिकांश आयातों पर लागू ट्रंप प्रशासन के मानक टैरिफ के दायरे में आती है। इसे जुलाई में 15 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी किया गया था। दरअसल, विवाद की मुख्य वजह अप्रैल में तब पैदा हुई थी जब ट्रंप ने ब्रिटेन की व्हिस्की, खासकर स्कॉच और उत्तरी आयरलैंड में बनने वाली स्पिरिट्स पर से टैरिफ हटाने की घोषणा कर दी थी।

ब्रिटेन को मिली इस छूट के चलते पड़ोसी देश आयरलैंड के शराब निर्माताओं को अमेरिकी बाजार में भारी व्यापारिक असंतुलन और नुकसान का सामना करना पड़ रहा था। इसी के बाद मई में ‘आयरिश व्हिस्की एसोसिएशन’ ने औपचारिक रूप से अमेरिका से टैरिफ हटाने की मांग उठाई थी। एसोसिएशन की दलील थी कि इस पाबंदी से उन कई अमेरिकी कंपनियों को बड़ा नुकसान हो रहा है जिनके पोर्टफोलियो में आयरिश ब्रांड शामिल हैं।

अमेरिकी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में खुशी, त्योहारी सीजन से पहले मिला बड़ा बूस्ट

ट्रंप के इस फैसले का अमेरिका के घरेलू बाजार में भी खुला स्वागत किया जा रहा है। ‘डिस्टिल्ड स्पिरिट्स काउंसिल ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स’ (DISCUS) के अध्यक्ष एवं सीईओ क्रिस स्वोंगर ने इस कदम को अंतरराष्ट्रीय स्पिरिट्स व्यापार में रुकावटें कम करने की दिशा में एक बेहद सकारात्मक पहल करार दिया।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर अब बेहद महत्वपूर्ण हॉलिडे और फेस्टिव सीजन में प्रवेश कर रहा है। ऐसे समय में आयरिश व्हिस्की से आयात शुल्क हटने से खुदरा विक्रेताओं, रेस्टोरेंट कारोबारियों, आम उपभोक्ताओं और कुल मिलाकर अमेरिकी अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा।

किंग चार्ल्स की यात्रा और स्कॉच का ‘जीरो-टैरिफ’ कनेक्शन

इससे पहले ट्रंप ने बताया था कि उन्होंने ब्रिटिश राजपरिवार के दौरे के बाद यूके की व्हिस्की पर राहत दी थी। 30 अप्रैल को किंग चार्ल्स तृतीय और क्वीन कैमिला के व्हाइट हाउस आगमन के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था कि “राजा और रानी ने मुझसे बिना ज्यादा कहे ही वह करवा लिया जो कोई और नहीं करवा सका।” इसके बाद ‘स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन’ ने 24 जुलाई से जीरो-टैरिफ नीति लागू होने की पुष्टि की थी। अब आयरिश व्हिस्की पर से भी 10% शुल्क हटाने के संकेत के साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक समानता बहाल होने की उम्मीद जग गई है। 

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