Monday , 14 September 2026

UP Semiconductor & Electronics Hub: देश के 55% मोबाइल बना रहा यूपी, अब सेमीकंडक्टर और AI में बजाएगा डंका; 1 ट्रिलियन डॉलर की राह पर योगी सरकार का मेगा प्लान

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पारंपरिक औद्योगिक सीमाओं को लांघकर हाई-टेक क्रांति की ओर निर्णायक छलांग लगाई है। निवेश-अनुकूल नीतियों, आधुनिक एक्सप्रेसवे नेटवर्क और प्रचुर तकनीकी मानव संसाधन के बल पर प्रदेश अब इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और डीप-टेक का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य में वर्तमान में 200 से अधिक शीर्ष इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां कार्यरत हैं, जिनके जरिए 43 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भारी निवेश जमीन पर उतर चुका है और 3 लाख से ज्यादा युवाओं को सीधे रोजगार मिला है।

मोबाइल निर्माण में यूपी का दबदबा, देश के 55% हैंडसेट यहीं बन रहे

राज्य की विनिर्माण क्षमता का सबसे बड़ा उदाहरण मोबाइल फोन उत्पादन है। भारत में बनने वाले कुल मोबाइल फोनों में से 55 प्रतिशत से अधिक का उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) में दो अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पूरी तरह सक्रिय हैं।

मोबाइल के अलावा अब राज्य में टैबलेट, लैपटॉप, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर सेल, डिफेंस एवं लॉजिस्टिक्स ड्रोन और रोबोटिक्स उपकरणों का निर्माण भी तेजी से बढ़ रहा है। सैमसंग, एलजी, हैयर, डिक्सन, रैपे, एडवर्ब और भगवती जैसी दिग्गज कंपनियां यूपी के इस इकोसिस्टम का नेतृत्व कर रही हैं। ‘यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025’ के जरिए अब तक 3800 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त निवेश आकर्षित किया जा चुका है।

सेमीकॉन इंडिया 2.0: यमुना एक्सप्रेसवे पर 1000 एकड़ का सेमीकंडक्टर पार्क

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में शीर्ष पर पहुंचने के बाद प्रदेश अब सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में भी ऐतिहासिक भूमिका निभाने को तैयार है। केंद्र सरकार के 1.27 लाख करोड़ रुपये के ‘सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम 2.0’ के तहत यूपी को प्रमुख रणनीतिक राज्य के रूप में चुना गया है।

  • 3700 करोड़ की चिप असेंबली यूनिट: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के सेक्टर-28 में केंद्र सरकार से स्वीकृत इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड की सेमीकंडक्टर एटीएमपी (ATMP) सुविधा में 3700 करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है।

  • 1000 एकड़ का मेगा सेमीकंडक्टर पार्क: यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 1000 एकड़ का विशाल सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां क्वालकॉम, एनएक्सपी, रेनेसास और कैडेंस जैसी वैश्विक चिप डिजाइन दिग्गज कंपनियों की मौजूदगी से चिप पैकेजिंग, टेस्टिंग और कोर डिजाइनिंग का मुकम्मल ढांचा तैयार हो रहा है।

जेवर एयरपोर्ट, फ्रेट कॉरिडोर और 75 एकड़ का रोबोटिक्स-एआई पार्क

हाई-टेक उद्योगों को रफ्तार देने के लिए विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ईस्टर्न एवं वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और एक्सप्रेसवे का मजबूत संजाल लॉजिस्टिक्स लागत को न्यूनतम कर रहा है। इसके साथ ही ग्रेटर नोएडा में 75 एकड़ में रोबोटिक्स एवं एआई कंप्यूटिंग पार्क स्थापित किया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश को चौथी औद्योगिक क्रांति (Industry 4.0) का अगुआ बनाएगा।

डेटा सेंटर और आईटी में 28 हजार करोड़, स्टार्टअप्स में यूपी ‘टॉप परफॉर्मर’

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में भी प्रदेश लगातार रिकॉर्ड बना रहा है। राज्य की आईटी नीति के तहत 7 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है, जिसमें लखनऊ की 100 एकड़ में फैली एचसीएल आईटी सिटी और प्रदेश भर में संचालित 7 एसटीपीआई (STPI) पार्क रीढ़ बने हुए हैं। वहीं डेटा सेंटर क्षेत्र में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।

उद्यमशीलता के मोर्चे पर प्रदेश में 24 हजार से अधिक डीपीआईआईटी-पंजीकृत स्टार्टअप काम कर रहे हैं। ‘यूपी स्टार्टअप पॉलिसी-2026’ के माध्यम से लखनऊ और नोएडा के ‘यू-हब’ (U-Hub) से डीप-टेक स्टार्टअप्स को गति दी जा रही है। इसी के चलते भारत सरकार के डीपीआईआईटी स्टेट स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क-2024 में उत्तर प्रदेश को ‘टॉप परफॉर्मर’ का खिताब मिला है।

आईआईटी प्रतिभा और 4 लाख छात्रों का तकनीकी आधार बनेगा रीढ़

सेमीकंडक्टर और डीप-टेक क्रांति को सफल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश के पास देश का सबसे बड़ा और दक्ष मानव संसाधन मौजूद है। आईआईटी कानपुर और आईआईटी बीएचयू जैसे शीर्ष संस्थानों के साथ-साथ प्रदेश के 760 से अधिक तकनीकी कॉलेजों में हर वर्ष 4 लाख से ज्यादा छात्र दाखिला लेते हैं। यह विशाल टैलेंट पूल वैश्विक कंपनियों को शोध, नवाचार और उत्पादन के लिए तैयार कार्यबल उपलब्ध करा रहा है। टेक्नोलॉजी आधारित यही मजबूत ढांचा उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का सबसे सशक्त आधार सिद्ध होने जा रहा है।

 

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