Saturday , 12 September 2026

दिल्ली से अमेरिका-इजराइल पर बरसे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान: बोले- ‘दादागीरी के आगे नहीं झुकेंगे, बिना लगाम का जंगली घोड़ा बन चुका है US’

पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत दौरे पर आए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखाए हैं। नई दिल्ली में आयोजित एक विशिष्ट सम्मेलन को संबोधित करते हुए पेजेश्कियान ने साफ कर दिया कि ईरान किसी भी महाशक्ति के अहंकार और दादागीरी के आगे घुटने नहीं टेकेगा और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अंत तक लड़ेगा। धार्मिक विद्वानों, विचारकों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत की हस्तियों की मौजूदगी में उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में तेहरान का आधिकारिक पक्ष मजबूती से रखा। ईरानी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि उनका देश शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का समर्थक है, लेकिन अगर विदेशी ताकतें समाज को बांटने की साजिश रचेंगी, तो उन्हें मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।

दबाव बनाया तो मिलेगा करारा जवाब, अमेरिकी-इजराइली सेना को बताया ‘असली आतंकी’

मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान अत्याचार और धौंस की राजनीति के सामने न कभी झुका है और न झुकेगा। यदि उन पर अनुचित दबाव डाला जाएगा, तो ईरान भी उसी भाषा में जवाब देने में सक्षम है। संबोधन के दौरान उन्होंने अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाइयों को कटघरे में खड़ा करते हुए उन्हें असली आतंकी करार दिया। अपने आरोप के समर्थन में उन्होंने दक्षिणी ईरान में एक प्राइमरी स्कूल के समीप हुए उस अमेरिकी हवाई हमले का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें 168 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी।

‘बिना लगाम के जंगली घोड़े की सवारी कर रहे वॉशिंगटन-तेल अवीव’

पश्चिमी देशों की रणनीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने कहा कि विरोधी सेनाओं को अस्पतालों, नागरिक बुनियादी ढांचों और लोगों की आजीविका पर हमले करने के बजाय सीधे सैनिकों का सामना करने की हिम्मत दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों और आवश्यक आपूर्ति रोककर ईरान के हौसलों को तोड़ा नहीं जा सकता। अमेरिका और इजराइल की आक्रामकता की तुलना बेलगाम जंगली घोड़े की सवारी से करते हुए पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि यह हठधर्मिता उन्हें सिर्फ तबाही और बर्बादी की आग की ओर ले जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईश्वर ने दुनिया में ईरानियों, भारतीयों, चीनियों और तमाम कौमों को परस्पर मिलकर रहने के लिए बनाया है, और ईरान हमेशा दबे-कुचले लोगों के हक में आवाज उठाता रहेगा।

BRICS में भारत के नेतृत्व पर भरोसा, मंच पर मौजूद रहीं ये हस्तियां

तीन दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति का मुख्य एजेंडा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शिरकत करना है। सम्मेलन के इतर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत की वैश्विक भूमिका की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि भारत एक महान और तेजी से उभरती हुई वैश्विक शक्ति है, जो वर्तमान में ब्रिक्स का कुशल नेतृत्व कर रहा है। अराघची ने भरोसा जताया कि वैश्विक संतुलन साधने में भारत ब्रिक्स का मार्गदर्शन करने में पूरी तरह सक्षम है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अतिरिक्त पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण और कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

 

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