
राजधानी दिल्ली इस समय 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के भव्य आयोजन के साथ वैश्विक कूटनीति का सबसे बड़ा केंद्र बन चुकी है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार सुबह दिल्ली पहुंच चुके हैं, वहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भी भारत आ चुके हैं। प्रगति मैदान स्थित अत्याधुनिक भारत मंडपम में आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। सम्मेलन के दौरान व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, कनेक्टिविटी और वैश्विक भू-राजनीतिक सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक मंथन होना तय है।
मोदी-पुतिन की द्विपक्षीय वार्ता शुरू: $100 अरब के व्यापार और न्यूक्लियर सहयोग पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति को तमिल दार्शनिक संत तिरुवल्लुवर की कालजयी रचना का रूसी संस्करण उपहार स्वरूप भेंट किया। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच कई रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर गंभीर विमर्श चल रहा है। इसमें मुख्य रूप से वर्ष 2030 तक 100 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य हासिल करने की कार्ययोजना शामिल है। इसके अलावा सिविल न्यूक्लियर सहयोग के तहत फ्यूल साइकिल और लाइफ साइकिल सपोर्ट को मजबूत करने, रेल सेक्टर, टनलिंग तकनीक, स्टील वैल्यू चेन का विस्तार और भारतीय कंपनियों की रूसी बाजारों तक सीधी पहुंच जैसे विषयों पर सहमति बनने के पूरे आसार हैं।
शी जिनपिंग का सात साल बाद भारत दौरा, ईरानी राष्ट्रपति से भी मिलेंगे पीएम मोदी
रूस के साथ बैठक के उपरांत प्रधानमंत्री मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर बातचीत संभव है। वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग सात वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शनिवार को भारत पहुंच रहे हैं। शनिवार शाम को पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच होने वाली प्रस्तावित मुलाकात को बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर शांति बहाली और दोनों देशों के बीच व्यापार घाटे जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सीधी बातचीत होगी। इस सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया और इथियोपिया समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष तथा संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी शिरकत करेंगे। सम्मेलन का समापन ‘न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन’ के अंगीकार के साथ होगा।
राजधानी में अभेद्य सुरक्षा चक्र: 15 हजार जवान और 200 अर्धसैनिक कंपनियां तैनात
शिखर सम्मेलन की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली भर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस के 15 हजार जवानों के साथ पैरामिलिट्री फोर्सेज की 200 कंपनियां और 500 से अधिक हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे तैनात किए गए हैं। आयोजन को सुचारू रखने के लिए आज दिल्ली के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी दिल्ली को बंद नहीं किया गया है, हालांकि वीवीआईपी काफिलों (VVIP Movement) के गुजरने के दौरान कुछ प्रमुख मार्गों पर अल्पकालिक रोक लगाई जा रही है।
ट्रैफिक एडवाइजरी: 35 प्रमुख सड़कों पर असर, मेट्रो और जरूरी सेवाएं जारी
शहर में रोजाना लगभग 70 से 80 हाई-सिक्योरिटी रूट मूवमेंट होंगे, जिन्हें संभालने के लिए 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी जमीन पर मुस्तैद हैं। मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, अशोक रोड, बाराखंभा रोड और तीन मूर्ति मार्ग सहित करीब 35 मुख्य मार्गों पर आवागमन प्रभावित रहेगा। खासतौर पर नोएडा से सेंट्रल दिल्ली और द्वारका से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है। दिल्ली मेट्रो की सेवाएं पूरी तरह सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं, जबकि बसें, ऑटो और टैक्सियां डायवर्जन के साथ चल सकेंगी। यूपीएससी व एनडीए परीक्षार्थियों और अस्पताल जा रहे मरीजों को असुविधा से बचने के लिए समय पूर्व निकलने तथा किसी भी तरह की मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत निकटतम ट्रैफिक कर्मी से संपर्क करने को कहा गया है।
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