Friday , 11 September 2026

मायावती के एक्शन के बाद गरमाई यूपी की सियासत: आकाश आनंद पर डोरे डालने की होड़, अखिलेश यादव ने खुले मंच से दिया पार्टी में आने का ऑफर

बसपा सुप्रीमो के फैसले से राजनीतिक गलियारों में मची हलचल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के भीतर मचे घमासान ने सियासी पारे को अचानक चढ़ा दिया है। पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए उन्हें पार्टी के सभी दायित्वों और मामलों से पूरी तरह बेदखल कर दिया है। पहले उन्हें राष्ट्रीय संयोजक के पद से हटाया गया था और अब पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने के इस अप्रत्याशित कदम के बाद प्रदेश के तमाम राजनीतिक दलों की नजरें आकाश आनंद के अगले कदम पर टिक गई हैं। सियासी गलियारों में उन्हें अपने पाले में खींचने की होड़ तेज हो गई है, जिसमें समाजवादी पार्टी ने सबसे पहले बड़ा दांव चला है।

‘आप लेकर आओ, हम ले लेंगे’: अखिलेश यादव का बड़ा बयान राजधानी लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से आकाश आनंद के निष्कासन पर सवाल किया गया, तो उन्होंने सधे हुए अंदाज में खुला ऑफर दे डाला। अखिलेश यादव ने पहले कहा कि यह बसपा का अंदरूनी मामला है और उनकी पार्टी का अपना फैसला है, जिसमें दूसरे दल के नेता कुछ नहीं कह सकते। हालांकि, जब एक पत्रकार ने सीधा सवाल दागा कि क्या आकाश आनंद अगर सपा में आना चाहें तो उन्हें शामिल किया जाएगा, तो अखिलेश यादव ने दो टूक जवाब देते हुए कहा, “अगर तुम लेकर आओ तो ले लेंगे। मैं सबके सामने यह बात कह रहा हूं। अगर इनकी इच्छा है और ये लेकर आएं तो बात खत्म हो गई।” अखिलेश का यह खुला बयान ऐसे समय आया है जब बसपा के भीतर संगठनात्मक स्तर पर उथल-पुथल मची हुई है।

सपा प्रवक्ता ने भी सराहा: बहुजन मुद्दों पर काम करने वालों का स्वागत अखिलेश यादव के इस बयान से पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता डॉ. आशुतोष वर्मा ने भी आकाश आनंद की खुलकर पैरवी की थी। डॉ. आशुतोष वर्मा का कहना था कि बहुजन समाज के लिए समर्पित एक बड़े दल में चुनाव से ठीक पहले इस तरह की खींचतान बेहद चिंताजनक है। उन्होंने याद दिलाया कि आकाश आनंद को पार्टी में कई बार निष्कासित और फिर बहाल किया जा चुका है। प्रवक्ता ने आकाश आनंद की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक बेहतरीन और कुशल वक्ता हैं, जो लगातार दलित और पिछड़े समाज की आवाज उठाते रहे हैं। सपा प्रवक्ता ने साफ किया कि समाजवादी पार्टी में हर उस नेता का स्वागत है जो बहुजन समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ता है।

निषाद पार्टी ने भी बढ़ाया हाथ: आंबेडकर-कांशीराम के सपने को पूरा करने का आह्वान आकाश आनंद के बसपा से अलग होने के बाद केवल समाजवादी पार्टी ही नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सहयोगी निषाद पार्टी ने भी उन पर डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद ने गुरुवार को सार्वजनिक तौर पर आकाश आनंद को साथ आने का न्योता दिया। संजय निषाद ने कहा कि वह आकाश आनंद से आगे आने की अपील करते हैं, ताकि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के अधूरे सपनों को मिलकर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि सदियों से उपेक्षित और वंचित समाज को सत्ता में वास्तविक भागीदारी दिलाने के लिए सबको एकजुट होना होगा। देश में करोड़ों लोगों को राशन मिलने की स्थिति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शोषित वर्ग को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है।

 

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