Thursday , 20 August 2026

यूपी में बसपा का बड़ा एक्शन: भिनगा से पूर्व प्रत्याशी हाजी ददन खान पार्टी से निष्कासित, खुद को घोषित कर रहे थे 2027 का उम्मीदवार

ब्यूरो, श्रावस्ती उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी बिसात बिछने से पहले ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने श्रावस्ती जिले में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर भिनगा विधानसभा सीट से वर्ष 2022 में प्रत्याशी रहे हाजी ददन खान को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। जिलाध्यक्ष ने साफ किया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और मनमानी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

बिना संगठन की अनुमति प्रचार करने पर गिरी गाज

बसपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार गौतम ने निष्कासन की पुष्टि करते हुए बताया कि हाजी ददन खान संगठन की आधिकारिक अनुमति के बगैर ही खुद को भिनगा विधानसभा से आगामी चुनाव का संभावित प्रत्याशी बताकर प्रचार कर रहे थे। इसके अलावा वह लंबे समय से पार्टी संगठन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर रहे थे। जिलाध्यक्ष के अनुसार, अनुशासनहीनता और संगठनात्मक मर्यादा के उल्लंघन के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ददन खान के किसी अन्य दल में शामिल होने को लेकर फिलहाल उनके पास कोई ठोस जानकारी नहीं है।

कार्रवाई के पीछे राजनीतिक साजिश: हाजी ददन खान

पार्टी से निकाले जाने के बाद हाजी ददन खान ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को अपने खिलाफ रचा गया एक राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया। ददन खान का कहना है कि भिनगा क्षेत्र में समाज के सभी वर्गों से उन्हें मिल रहे व्यापक जनसमर्थन और जनाधार से कुछ स्थानीय नेता असहज हो गए थे, जिसके चलते साजिश रचकर यह कार्रवाई कराई गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि निष्कासन की औपचारिक सूचना उन्हें संगठन स्तर से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। वह जल्द ही पूरे घटनाक्रम से पार्टी सुप्रीमो व पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को अवगत कराएंगे और अपना पक्ष रखेंगे।

2027 के दंगल में डटे रहने का ऐलान

बसपा से बाहर होने के बावजूद हाजी ददन खान ने राजनीति में पूरी तरह सक्रिय रहने की बात कही है। उन्होंने कहा कि निष्कासन से उनकी जनता के बीच मौजूदगी कम नहीं होगी और वह लगातार भिनगा क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में शामिल होते रहेंगे। ददन खान ने दोहराया कि जनता का आशीर्वाद मिला तो वह बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के अनुरूप क्षेत्र के विकास और जनसमस्याओं को पुरजोर तरीके से विधानसभा में उठाएंगे। वहीं, इस निष्कासन के बाद सियासी गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही किसी नए राजनीतिक विकल्प की तलाश कर सकते हैं।

 

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