
नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से पूरे देश में नई ऊर्जा और उमंग का संचार किया। राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों से बड़े सपने देखने और बुलंद हौसलों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी देश केवल अपने बड़े सपनों, मजबूत संकल्पों और अपार सामर्थ्य के बल पर ही महानता के शिखर पर पहुंचता है। प्रधानमंत्री ने दृढ़ संकल्प दोहराते हुए कहा कि हम हर हाल में यह सुनिश्चित करेंगे कि वर्ष 2047 तक भारत एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनकर उभरे।
‘अब छोटे सपनों से काम नहीं चलेगा, सोच का विस्तार जरूरी’
राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बदलते वक्त के साथ अब छोटे सपनों से आगे बढ़ना संभव नहीं है, देश के सपने और संकल्प दोनों ही विशाल होने चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बड़े सपने हमारी सोच को नया विस्तार देते हैं। पश्चिम एशिया में उपजे वैश्विक संकट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में भय और डर का माहौल बनाने में लगे थे, लेकिन देशवासियों ने देख लिया कि बीते 10-12 वर्षों में तैयार की गईं दूरदर्शी और सुविचारित नीतियां किस तरह आज हर संकट में भारत के काम आ रही हैं।
बदलते वैश्वीकरण में आत्मनिर्भरता ही असली ताकत
प्रधानमंत्री ने देश की मजबूत आपूर्ति और संसाधनों पर बात करते हुए कहा कि आज भारत के पास पेट्रोल, डीजल और यूरिया का पर्याप्त भंडार मौजूद है और हम पूरी तरह अपनी ताकत पर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्वीकरण का स्वरूप बदल रहा है और दुनिया के देश अपने संसाधनों का उपयोग पहले अपने हित में करने लगे हैं। ऐसे दौर में आत्मनिर्भरता की अनिवार्यता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते आत्मनिर्भरता की ठोस नींव न रखी गई होती, तो आज की वैश्विक चुनौतियों का सामना करना बेहद कठिन हो जाता।
‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था बना भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर क्षेत्र में भारत की तैयारियां निरंतर पुख्ता हो रही हैं और देश अपने मजबूत सामर्थ्य के दम पर आगे बढ़ रहा है। 140 करोड़ नागरिकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इन्हीं अथक प्रयासों का नतीजा है कि भारत बीते 12 वर्षों के भीतर ‘फ्रेजाइल फाइव’ की श्रेणी से बाहर निकलकर दुनिया की प्रमुख आर्थिक ताकतों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा, तो पूरी दुनिया भारत को एक नए और सम्मानजनक नजरिए से देखने को विवश होगी।
बापू को दी श्रद्धांजलि, सलामी गारद का किया निरीक्षण
लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन से पूर्व प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के वीर स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने देश के माहौल का जिक्र करते हुए कहा कि आज हर दिल में ‘वंदे मातरम्’ का जोश है और हर घर पर शान से तिरंगा लहरा रहा है। राष्ट्र को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री ने लाल किले के प्रांगण में औपचारिक सलामी गारद का निरीक्षण भी किया।
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