नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG पेपर लीक मामले में आज दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट ट्रैक अदालत में एक बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा दाखिल 20,000 से अधिक पन्नों की विशालकाय चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। कोर्ट ने मामले में नामजद 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने (Charges Framing) की प्रक्रिया के तहत गुरुवार से बहस शुरू करने के आदेश दिए हैं। इस दौरान कोर्ट ने मीडिया में आरोपपत्र के अंश लीक होने पर सख्त नाराजगी भी जाहिर की।
सीबीआई का बड़ा दावा: NTA दफ्तर से बिना तलाशी बाहर निकले और लीक कर दिया पेपर
सीबीआई की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग द्वारा कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, तीन विशेष विशेषज्ञों (Specialists) ने अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर दिल्ली स्थित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्य कार्यालय से ही नीट परीक्षा के गोपनीय सवाल लीक किए थे। आरोप है कि गोपनीय स्थान से बाहर निकलते समय आरोपियों की कोई शारीरिक तलाशी (Frisking) नहीं ली गई थी, जिसका फायदा उठाकर वे पेपर बाहर निकालने में कामयाब रहे। सीबीआई ने साफ किया है कि NTA के कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल जारी है।
साजिश, गोपनीयता भंग और करोड़ों का खेल; चार्जशीट में 360 गवाह और 422 दस्तावेज
चार्जशीट में सीबीआई ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश रचने, परीक्षा की गोपनीयता भंग करने और अवैध रूप से भारी आर्थिक लाभ कमाने जैसी कई गंभीर धाराएं लगाई हैं। इस मामले को पुख्ता करने के लिए सीबीआई ने 360 गवाहों के बयान, 422 दस्तावेजी साक्ष्य और 43 भौतिक सबूतों (Physical Evidence) को अदालत के समक्ष पेश किया है। आज से शुरू हो रही जिरह में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे।
जेल में बंद हैं ये 13 मुख्य आरोपी
मामले में सीबीआई द्वारा नामजद किए गए सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत (Jail) में हैं। इनमें यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे और मनीषा संजय हवलदार शामिल हैं। सुरक्षा और जांच एजेंसियां अब इस रैकेट के अंतिम छोर तक पहुंचने में जुटी हैं।
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