गुवाहाटी। पूर्वोत्तर राज्य असम में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मूसलाधार मानसूनी बारिश और उफनती नदियों के रौद्र रूप ने पूरे राज्य में तबाही मचा रखी है। जलप्रलय की इस भयावह स्थिति में अब तक 95 लोगों की असमय मौत हो चुकी है, जबकि 563 से अधिक गांवों के लगभग 16 लाख लोग इस आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। राज्य के शिवसागर, गोलाघाट और जोरहाट जिलों में स्थिति सबसे अधिक विकराल हो चुकी है।
जलप्रलय से शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित, गुवाहाटी में हाई अलर्ट
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, असम का शिवसागर जिला बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है, जहां अकेले 57,000 से अधिक लोग विस्थापित होकर बेघर हो गए हैं। इसके अलावा गोलाघाट में 34,000 और जोरहाट में 25,000 लोग आपदा की चपेट में हैं।
राजधानी गुवाहाटी समेत राज्य के 14 संवेदनशील जिलों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है। गुवाहाटी के कई मुख्य रिहायशी इलाकों में पानी भर जाने से सड़कों पर आवाजाही ठप है और लोग अपने ही घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग का रेड अलर्ट: ब्रह्मपुत्र के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान
आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय प्रशासन नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की नई चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है। आईएमडी के मुताबिक:
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ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों के कैचमेंट एरिया में आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश जारी रहने की संभावना है।
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अगले 48 से 72 घंटों के लिए कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है, जिससे बाढ़ का संकट और गहरा सकता है।
युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य: 45 शिविरों में 12 हजार से ज्यादा शरणार्थी
राहत और बचाव टीमें (SDRF व NDRF) प्रभावित इलाकों में मुस्तैदी से जुटी हुई हैं:
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राहत शिविर: प्रभावितों को आश्रय देने के लिए राज्यभर में 45 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां इस समय 12,300 से अधिक लोग रह रहे हैं।
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राशन वितरण केंद्र: 32,000 से अधिक जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए 59 विशेष वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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जरूरी सामग्री: इन केंद्रों से चावल, दाल, नमक, पीने का पानी और मवेशियों के लिए चारे की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जा रही है।
केंद्र सरकार की सीधी निगरानी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के हालात पर पल-पल की नजर रखे हुए हैं और राज्य सरकार को केंद्रीय मदद का पूर्ण आश्वासन दिया है। इसी क्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने असम का दौरा किया।
उन्होंने डिब्रूगढ़ में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की और जमीनी स्थिति की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आधारभूत ढांचे और संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसे पटरी पर आने में समय लगेगा। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय सहायता, पुनर्वास और मुआवजे में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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