कुशीनगर। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में कानून के रखवालों की शर्मनाक करतूत से खाकी एक बार फिर कटघरे में खड़ी हो गई है। कसया थाना क्षेत्र में तैनात दो सिपाहियों ने न सिर्फ खाकी की मर्यादा को तार-तार किया, बल्कि एक ब्यूटी पार्लर संचालिका और ढाबा संचालक के साथ गुंडई की सारी हदें पार कर दीं। जबरन घर में घुसकर महिला को अगवा करने, मारपीट और छेड़छाड़ के इस सनसनीखेज मामले में पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। दोनों आरोपी सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, वहीं उनकी सेवा बर्खास्तगी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आधी रात को तोड़ा दरवाजा, गोरखपुर ले जाकर की हैवानियत
पीड़ित महिला की आपबीती सुनकर हर कोई दंग है। पीड़िता ने बताया कि सोमवार की देर रात कसया थाने में तैनात दो पुलिसकर्मी अचानक उसके घर पहुंचे और जबरन दरवाजा खुलवाने की कोशिश करने लगे। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने दरवाजे पर तोड़फोड़ मचाई और उसे खींचकर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। आरोपी सिपाही उसे गोरखपुर की ओर ले गए। रास्ते में और एक ढाबे पर महिला के साथ बेरहमी से मारपीट और छेड़छाड़ की गई। भोर में आरोपी महिला को कसया लाकर छोड़ गए और पुलिस या किसी अन्य से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
ढाबे पर शराब के लिए किया था हंगामा, फिर दिया वारदात को अंजाम
मामले का खुलासा तब हुआ जब डरी-सहमी पीड़िता किसी तरह पुलिस अधीक्षक (एसपी) के जनता दर्शन में पहुंची और अपनी आपबीती सुनाई। शिकायत मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जांच की कमान सीओ सदर राकेश प्रताप सिंह को सौंपी गई। जांच में चौंकाने वाली कहानी सामने आई। दोनों सिपाही सोमवार को एक किशोर को बाल सुरक्षा गृह छोड़ने गए थे। लौटते समय गोरखपुर के माड़ापार स्थित एक ढाबे पर शराब की मांग को लेकर ढाबा संचालक से उनका विवाद हुआ था। इसके बाद वे कसया पहुंचे और ब्यूटी पार्लर संचालिका के घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया।
2016 और 2019 बैच के हैं आरोपी, डीआईजी ने दिए बर्खास्तगी के निर्देश
जांच के दौरान सीओ सदर ने कसया थाने में दोनों सिपाहियों से कड़ी पूछताछ की और पीड़िता का विस्तृत बयान दर्ज किया। साक्ष्यों की पुष्टि होने पर दोनों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पकड़े गए सिपाहियों की पहचान महेंद्र कुमार (2019 बैच) और उमाशंकर यादव (2016 बैच) के रूप में हुई है। महेंद्र 2023 से और उमाशंकर 2024 से कसया थाने में तैनात थे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी गोरखपुर शिवमुनि चनप्पा ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और थाने के रिकॉर्ड खंगाले। डीआईजी ने दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तेज करते हुए बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है। एसपी केशव कुमार ने स्पष्ट किया है कि पुलिस बल की छवि खराब करने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा और कानून सभी के लिए समान है।
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