Sunday , 2 August 2026

जैश मॉड्यूल का बड़ा पर्दाफाश : संदिग्ध आतंकी हमीम की महिला मित्र अर्पिता साहिबगंज से गिरफ्तार, हनीट्रैप और युवाओं की भर्ती का खेल आया सामने!

कोलकाता/बर्द्धमान। संदिग्ध जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) आतंकी हमीम मंडल की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए हमीम की महिला मित्र अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। एसटीएफ का दावा है कि अर्पिता सिर्फ हमीम की करीबी ही नहीं थी, बल्कि इस पूरे संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल की एक सक्रिय और मुख्य सदस्य के रूप में काम कर रही थी। आरोपी महिला को ट्रांजिट रिमांड पर बर्द्धमान लाया गया है, जहां अदालत से पुलिस कस्टडी हासिल कर दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर सघन पूछताछ की जाएगी।

वीआईपी लोगों को फंसाने के लिए हनीट्रैप का इस्तेमाल और युवाओं की भर्ती

एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, इस आतंकी मॉड्यूल में अर्पिता की भूमिका बेहद संवेदनशील और खतरनाक थी। जांचकर्ताओं का दावा है कि अर्पिता का मुख्य काम बड़े प्रशासनिक अधिकारियों, उच्च पदस्थ पदाधिकारियों और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों को अपने जाल में फंसाकर गोपनीय और संवेदनशील जानकारियां हासिल करना था। इसके अतिरिक्त, वह उनके अपहरण से जुड़ी साजिशों में सहयोग करती थी। इतना ही नहीं, अर्पिता सोशल मीडिया के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर युवाओं का ब्रेनवॉश करने और नए लोगों की इस आतंकी मॉड्यूल में भर्ती कराने की जिम्मेदारी संभाल रही थी।

जांच में खुली नई परतें: मुख्य आरोपी हमीम मंडल की बैकग्राउंड स्टोरी

इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी हमीम मंडल पहले ही पश्चिम बंगाल पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमीम पहले हावड़ा के पिलखाना इलाके में रहकर दर्जी का काम करता था और मुख्य रूप से वर्दियां सिलने के काम से जुड़ा था। पिलखाना क्षेत्र में हाल में जारी हुए बेदखली नोटिस के बाद वह बर्द्धमान शिफ्ट हो गया था। पुलिस को इस बात का गहरा संदेह है कि हमीम बंगाल के प्रमुख राजनीतिक नेताओं और वीआईपी शख्सियतों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।

एसटीएफ की जांच तेज, पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी एजेंसियां

अर्पिता सरकार की गिरफ्तारी को इस आतंकी मॉड्यूल की कड़ियों को जोड़ने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि किन-किन प्रशासनिक अधिकारियों या नेताओं को हनीट्रैप में फंसाने का खाका तैयार किया गया था और इनके साथ नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस मॉड्यूल के पूरे आर्थिक और रसद नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

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