Tuesday , 28 July 2026

Gen Z को जॉब सीकर से जॉब क्रिएटर बनाएगा ‘यूथ अड्डा’: योगी सरकार का 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर बड़ा कदम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार मांगने वाले की जगह रोजगार देने वाला बनाने के लिए एक क्रांतिकारी पहल की शुरुआत की है। आज की ‘जेनरेशन जेड’ (Gen Z) अब पारंपरिक नौकरियों की लाइन में खड़े रहने के बजाय स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और तकनीक के दम पर आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रही है। युवाओं की इसी सोच और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने ‘सीएम युवा’ और ‘यूथ अड्डा’ जैसी अभिनव अवधारणा को धरातल पर उतारा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उद्यमिता (Entrepreneurship) का एक नया और मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है।

एक ही छत के नीचे मिलेगा बिजनेस का पूरा सॉल्यूशन

आज के युवाओं की जरूरत सिर्फ सरकारी अनुदान या लोन तक सीमित नहीं है। उन्हें अपने बिजनेस आइडिया को व्यावहारिक रूप देने, मेंटरशिप, आसान बैंकिंग प्रक्रिया और बाजार तक सीधी पहुंच की जरूरत होती है। ‘यूथ अड्डा’ को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्रों से अलग एक समग्र उद्यमिता केंद्र के रूप में ढाला गया है।

यहां बिजनेस आइडिया के चयन से लेकर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने, बैंक लोन, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी परामर्श, डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा जोखिम कम करने के लिए युवाओं को 100 से अधिक तैयार ‘फ्रेंचाइजी मॉडल’ भी ऑफर किए जा रहे हैं।

कॉलेजों से ही पैदा होंगे भावी उद्योगपति

योगी सरकार का मानना है कि उद्यमिता की सोच पढ़ाई खत्म होने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज के दिनों से ही विकसित होनी चाहिए। इसी सोच के साथ यूथ अड्डा का मुख्य फोकस विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के छात्रों पर है।

भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), ई-कॉमर्स और आधुनिक डिजिटल टूल्स का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मकसद यूपी के युवाओं को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

75 जिलों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष ध्यान

यूथ अड्डा की यह पहल केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे राज्य के सभी 75 जिलों में लागू किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और स्थानीय उत्पादों के विपणन (Marketing) में सीधी मदद दी जा रही है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।

इस मंच के जरिए वर्षभर बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस वर्कशॉप और ‘फाउंडर्स टॉक’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

2027 तक 5 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य

सरकार ने वर्ष 2027 तक ‘यूथ अड्डा’ के माध्यम से:

  • 5 लाख युवाओं को इस अभियान से जोड़ने,

  • ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराने,

  • 10,000 से अधिक नए उद्यम और फ्रेंचाइजी स्थापित करने,

  • और 25,000 से अधिक MSME इकाइयों को मजबूती प्रदान करने का बड़ा लक्ष्य रखा है।

यह पहल उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

क्रियान्वयन में यूपीकॉन संभाल रहा कमान

इस पूरी योजना के सफल संचालन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCON) मुख्य भूमिका निभा रहा है। यूपीकॉन के प्रबंध निदेशक (MD) प्रवीण सिंह के अनुसार, “सीएम युवा योजना के तहत संचालित ‘यूथ अड्डा’ युवाओं को मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता और उद्योग जगत से जोड़ने का काम कर रहा है। हमारा उद्देश्य योजनाओं के वितरण से आगे बढ़कर युवाओं को सफल उद्यमी बनाना और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के सपने को साकार करना है।”

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