Sunday , 26 July 2026

लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड पर LDA का बड़ा एक्शन: 15 मौतों वाली 4 मंजिला अवैध बिल्डिंग पर चला बुलडोजर, मौके पर हुआ हंगामा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में जिस 4 मंजिला कमर्शियल इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की दर्दनाक मौत हुई थी, उस पर लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार को कड़ी कार्रवाई की है। शनिवार सुबह 7:30 बजे एलडीए के 45 अफसरों और कर्मचारियों का दस्ता 3 बुलडोजर, एक जेसीबी और एक हाइड्रोलिक मशीन लेकर मौके पर पहुंचा और अवैध निर्माण को जमींदोज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। सुरक्षा के लिहाज से आसपास की सड़कों पर बैरिकेडिंग कर 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

22 जून को हुआ था भयानक हादसा, जांच में खुली अवैध निर्माण की पोल

गौरतलब है कि बीते 22 जून को इस चार मंजिला इमारत की सेकेंड फ्लोर पर स्थित एक एनिमेशन कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 15 मासूमों की जलकर मौत हो गई थी, जबकि कई लोगों ने तारों और पाइपों के सहारे लटककर अपनी जान बचाई थी। हादसे के बाद जब एलडीए ने जांच शुरू की, तो पाया गया कि यह बिल्डिंग पूरी तरह से अवैध थी। रिहायशी प्लॉट के तौर पर स्वीकृत नक्शे को नियमों को ताक पर रखकर कमर्शियल में बदल दिया गया था।

डेडलाइन खत्म होते ही एलडीए की टीम ने शुरू की ध्वस्तीकरण कार्रवाई

अवैध निर्माण की पुष्टि होने के बाद एलडीए ने बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र शुक्ला को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब से संतुष्ट न होने पर 10 जुलाई को विहित प्राधिकारी ने इमारत को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था और मालिक को खुद ही 15 दिनों के भीतर अवैध हिस्सा गिराने का समय दिया गया था। शुक्रवार को 15 दिन की समयसीमा (डेडलाइन) समाप्त हो गई। मालिक द्वारा ध्वस्तीकरण का काम बेहद धीमा कराने के कारण एलडीए ने खुद मोर्चा संभाला और बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया।

मौके पर पहुंचे मालिक के वकील, कार्रवाई पर उठाए सवाल और किया हंगामा

बुलडोजर कार्रवाई शुरू होते ही बिल्डिंग मालिक के वकील और लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए हंगामा किया। वकील का दावा है कि एलडीए ने उन्हें 25 जुलाई तक का समय दिया था और उसी दिन सुबह कार्रवाई करना नियमों के विरुद्ध है।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें ध्वस्तीकरण के आदेश की प्रमाणित प्रति (कॉपी) तक नहीं दी गई और कार्यालय में ताला लगाकर अधिकारियों ने प्रति देने से इनकार कर दिया। वकील के मुताबिक, उन्होंने एलडीए की इस मनमानी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दाखिल की है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होनी है।

एलडीए वसूलेगा ध्वस्तीकरण का खर्च

दूसरी ओर, एलडीए अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि 15 दिन का समय बीत जाने के बाद भी इमारत का मुख्य ढांचा जस का तस खड़ा था, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई शुरू की गई है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस पूरी ध्वस्तीकरण कार्रवाई में जो भी खर्च आएगा, वह संबंधित भवन स्वामी से ही वसूला जाएगा।

Check Also

पंजाब में गहराया परीक्षा लीक विवाद: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भगवंत मान सरकार पर बढ़ा दबाव, क्या जाएगी दो मंत्रियों की कुर्सी?

चंडीगढ़। केंद्र सरकार में धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के …