Saturday , 25 July 2026

केवल 24 स्थायी अफसरों के भरोसे NTA! NEET और JEE कराने वाली एजेंसी में भारी कमी; राजनीति भी गरमाई

नई दिल्ली।  देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) एक बार फिर सुर्खियों में है। हालांकि, इस बार वजह कोई परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि एजेंसी का ढांचागत संकट और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की बेहद कम संख्या है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में खुलासा किया है कि करोड़ों छात्रों का भविष्य तय करने वाली NTA में इस समय केवल 24 स्थायी कर्मचारी ही कार्यरत हैं, जबकि बाकी सारा दारोमदार कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों के कंधों पर है।

39 में से 15 पद खाली, 73 कॉन्ट्रैक्ट और 124 आउटसोर्स कर्मियों के भरोसे काम

साल 2018 में अपनी शुरुआत से लेकर अब तक 270 से अधिक राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं करा चुकी NTA ने 6.6 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों का पंजीकरण संभाला है। लेकिन संसद में पेश आंकड़ों ने इसकी जमीनी हकीकत उजागर कर दी है:

  • स्थायी पदों का हाल: शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, NTA में डेप्युटेशन (प्रतिनियुक्ति) के जरिए भरे जाने वाले 39 स्थायी पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में केवल 24 पद ही भरे हैं, यानी 15 महत्वपूर्ण पद खाली पड़े हैं।

  • कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी: एजेंसी में 73 लोग कॉन्ट्रैक्ट पर तैनात हैं। इनमें 44 कंसल्टेंट, 17 यंग प्रोफेशनल, 5 सीनियर कंसल्टेंट, 3 एडवाइजर और 1 सीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर शामिल हैं।

  • आउटसोर्स स्टाफ: इसके अलावा 124 आउटसोर्स कर्मचारी रोजमर्रा का काम संभाल रहे हैं, जिनमें डेटा एनालिस्ट, लीगल एसोसिएट और हाउसकीपिंग स्टाफ शामिल हैं।

इस स्थिति को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने NTA के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए 16 नए वरिष्ठ पद (8 डायरेक्टर और 8 जॉइंट डायरेक्टर) सृजित करने की घोषणा की है।

NEET पर फिर गरमाई राजनीति, विजय और स्टालिन ने साधा निशाना

NTA के इस मैनपावर संकट की खबर आते ही NEET परीक्षा को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। जंतर-मंतर पर विभिन्न संगठनों का विरोध जारी है, जिसमें अब विपक्षी दल भी कूद पड़े हैं।

  • शिक्षा को राज्य सूची में लाने की मांग: तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार से छात्रों की चिंताओं पर तुरंत ध्यान देने की अपील की है। उन्होंने मांग उठाई कि शिक्षा विषय को पुनः राज्य सूची (State List) में शामिल किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की।

  • NEET रद्द करने पर अड़े स्टालिन: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक बार फिर NEET परीक्षा को पूरी तरह समाप्त करने की अपनी मांग दोहराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस केंद्रीकृत व्यवस्था में बड़े पैमाने पर धांधली और गड़बड़ियों की गुंजाइश बनी रहती है।

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