नई दिल्ली: नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा लीक और इससे जुड़े विवादों पर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सुनवाई की। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को दो टूक लहजे में कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली से गलतियों का सिलसिला हर हाल में खत्म करना होगा। कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इस पूरी सुधार प्रक्रिया की खुद निगरानी करेगी और इसके लिए जरूरत पड़ने पर हर जरूरी कदम (एक्स्ट्रा माइल) उठाएगी।
कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट और पेपर सुरक्षा पर पूछे कड़े सवाल
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने केंद्र सरकार और NTA से पूछा कि भविष्य की परीक्षाओं को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। कोर्ट ने कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) को अपनाने और प्रश्नपत्रों (QP) की सुरक्षित डिलीवरी प्रक्रिया की पूरी जानकारी मांगी। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले विशेष वर्ष में जिस तरह से प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद ली गई, वह केवल एक तात्कालिक और अस्थायी कदम था। इसे भविष्य के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता।
हाइब्रिड फॉर्मेट पर NTA की राय तलब: 30-60 मिनट पहले प्रिंट होंगे पर्चे?
अदालत ने राधाकृष्णन समिति द्वारा सुझाए गए ‘हाइब्रिड फॉर्मेट’ पर भी NTA से जवाब मांगा है। इस प्रस्तावित प्रणाली के तहत:
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प्रश्न-पत्र डिजिटल रूप से एन्क्रिप्टेड (Encrypted) लिंक के ज़रिए परीक्षा केंद्रों तक भेजे जाएंगे।
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परीक्षा शुरू होने से महज 30 से 60 मिनट पहले स्थानीय स्तर पर ही प्रिंट निकाले जाएंगे।
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इससे भौतिक रूप से पेपर ले जाने और स्ट्रॉन्ग रूम से लीक होने का जोखिम पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट तीन चरणों में करेगा संस्थागत सुधारों की निगरानी
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को परीक्षा प्रणाली को तीन प्रमुख चरणों—परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और परीक्षा के बाद—में मजबूत बनाने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा, “हमारा मकसद परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और संस्थागत बनाना है, और हम पूरे मामले पर लगातार नजर रखेंगे।”
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की सर्वोच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सुधारों के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है और कोर्ट के सभी सुझावों को लागू करेगी। सॉलिसिटर जनरल के अनुरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई आगामी सोमवार को तय की है।
याचिकाओं में NTA को बदलने और CBI रिपोर्ट की मांग
सुप्रीम कोर्ट में दायर विभिन्न याचिकाओं में NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि:
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केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि NTA की जगह एक पूरी तरह से नई, तकनीकी रूप से मजबूत, सुरक्षित और स्वतंत्र संस्था बनाई जाए।
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सीबीआई (CBI) को निर्देश दिया जाए कि वह नीट पेपर लीक मामले की जारी जांच पर अगले चार हफ्तों में अपनी स्टेटस रिपोर्ट सौंपे।
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