वृंदावन में पूज्य प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गहराता जा रहा है। अब इस घटना से ठीक पहले का एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें रसिक दुलारी चौथी मंजिल की छत से अचानक छलांग लगाते दिखाई दे रहे हैं। करीब 30 सेकंड की इस रिकॉर्डिंग ने घटनाक्रम की टाइमलाइन तो साफ की है, लेकिन कमरे से मिले खून से सने ग्राइंडर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आई गंभीर चोटों ने पूरे मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है। पुलिस हर तकनीकी और फॉरेंसिक पहलू से मामले की पड़ताल में जुटी है।
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25 सितंबर की सुबह का CCTV फुटेज: 30 सेकंड में क्या दिखा?
सामने आया वीडियो 25 सितंबर की सुबह करीब 10:35 बजे का बताया जा रहा है। चौथी मंजिल की छत पर लगे कैमरे में यह पूरा घटनाक्रम चार अलग-अलग दृश्यों में कैद हुआ है:
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पहला दृश्य: रसिक दुलारी शरण छत की बाउंड्री वॉल पर बेहद शांत मुद्रा में बैठे नजर आते हैं।
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दूसरा दृश्य: करीब 6 सेकंड बाद वह बाउंड्री से उतरते हैं और फर्श पर सीधे लेट जाते हैं। लगभग 10 सेकंड तक वह बिना किसी हलचल के लेटे रहते हैं।
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तीसरा दृश्य: इसके बाद वह अचानक खड़े होते हैं और बिना किसी हिचकिचाहट के बाउंड्री वॉल की तरफ दौड़कर सीधे नीचे छलांग लगा देते हैं।
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चौथा दृश्य: उन्हें कूदते देख पास से गुजर रहा एक अन्य शिष्य बदहवास स्थिति में दौड़ता हुआ बाउंड्री के पास आता है और नीचे झांककर देखता है।
इसके अलावा सड़क की ओर लगे एक अन्य कैमरे में वह लगभग 40 फीट की ऊंचाई से पैरों के बल जमीन पर गिरते दिखाई दिए। सिर टकराने से गंभीर चोट आई और मौके पर भारी खून फैल गया। उन्हें तत्काल गंभीर हालत में सर्वोदय अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कमरे से मिला खून से सना इलेक्ट्रिक ग्राइंडर, पोस्टमार्टम में प्राइवेट पार्ट पर कट
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने मृतक के कमरे की तलाशी ली। कमरे से खून से सना एक इलेक्ट्रिक ग्राइंडर बरामद हुआ है। 26 सितंबर को दो डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराई गई वीडियोग्राफी पोस्टमार्टम प्रक्रिया में शरीर पर कई गंभीर चोटें पाई गईं।
सिर, पैर और कमर में फ्रैक्चर के अलावा सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि उनके निजी अंग (प्राइवेट पार्ट) पर भी कट के गहरे निशान मिले हैं। एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक, पुलिस किसी भी साजिश से इनकार नहीं कर रही है। फॉरेंसिक टीम मृतक के मोबाइल डेटा और ब्लड टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट की जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि निजी अंग पर चोट खुद पहुंचाई गई थी या इसके पीछे कोई बाहरी वजह थी।
जबलपुर से आकर 2 साल पहले ली थी दीक्षा, मां ने लगाए गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले दीपक लोधी करीब दो वर्ष पूर्व वृंदावन आए थे। यहां उन्होंने प्रेमानंद जी महाराज से दीक्षा ली, जिसके बाद उनका नाम रसिक दुलारी शरण रखा गया था। इलेक्ट्रिकल का काम जानने के कारण आश्रम प्रबंधन ने उन्हें सेवा का दायित्व सौंपा था। वह पिछले तीन महीनों से वाराह घाट स्थित केली कुंज ट्रस्ट की इमारत ‘गुरु कृपा कुंज’ में निवास कर रहे थे।
बेटे की मौत की सूचना पाकर अंतिम संस्कार में पहुंचीं मां लौंग बाई ने रोते हुए आरोप लगाया कि दो साल से उनकी बेटे से ठीक से बात नहीं हुई थी। जब भी परिवार मिलने आता था, तो मुलाकात नहीं कराई जाती थी। पीड़ित परिवार ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
फॉरेंसिक और विसरा रिपोर्ट पर टिकी पुलिस की जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी में छत से कूदने की बात तो रिकॉर्ड है, लेकिन कूदने से पहले कमरे के भीतर क्या हुआ, यह सबसे अहम कड़ी है। निजी अंग पर कट के निशान और ग्राइंडर पर लगे खून के नमूनों की रासायनिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ होगी। पुलिस आश्रम के अन्य शिष्यों, सेवादारों और मृतक के संपर्कों से लगातार पूछताछ कर कड़ियों को जोड़ने में लगी है।
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