नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर सड़क से संसद तक मचे घमासान के बीच गुरुवार देर रात चार ऐसे बड़े घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने इस पूरे मुद्दे को नया मोड़ दे दिया है। छात्रों के उग्र आंदोलन और विपक्षी दलों के भारी हंगामे के बीच केंद्र सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। महज 90 मिनट के भीतर प्रशासनिक फेरबदल, न्यायिक आदेश और प्रधानमंत्री का राष्ट्र के नाम संदेश जैसे कड़े फैसले देखने को मिले। आधी रात को हुए इस घटनाक्रम के बाद अब सवाल यही उठ रहा है कि क्या NEET विवाद को लेकर पिछले कई दिनों से बना गतिरोध आखिरकार खत्म होगा?
1. प्रशासनिक चाबुक: शिक्षा सचिव विनीत जोशी हटाए गए, नरेश पाल गंगवार नए सचिव
NEET परीक्षा संचालन में कथित लापरवाही और देशव्यापी विरोध के बाद केंद्र सरकार ने कड़ा फैसला लिया। देर रात जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। उनकी जगह 1994 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
2. फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन: जज अनु ग्रोवर बालीगा संभालेंगी जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन के तुरंत बाद न्यायपालिका ने भी बड़ा कदम उठाया। दिल्ली हाई कोर्ट ने पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। तीस हजारी कोर्ट के मीडिएशन सेंटर की इंचार्ज रहीं न्यायिक अधिकारी अनु ग्रोवर बालीगा का तबादला राउज एवेन्यू कोर्ट में करते हुए उन्हें स्पेशल जज के तौर पर नामित किया गया है। अब वह ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ के तहत दर्ज मामलों की विशेष तौर पर सुनवाई करेंगी।
3. पीएम मोदी का आधी रात वीडियो संदेश: संसद में आएगा नया कड़ा कानून
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात 11:52 बजे एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर देश के युवाओं और अभिभावकों को भरोसा दिलाया। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार पेपर लीक रोकने और दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
“शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस कड़े कानून के मसौदे पर चर्चा की जाएगी। कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही सोमवार से शुरू हो रहे संसद के अगले चरण में इस बिल को जल्द से जल्द पास कराने का प्रयास किया जाएगा।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
4. 26 दिनों बाद सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन, शांति की अपील की
इसी बीच, 26 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति में उन्होंने जूस पीकर उपवास खत्म किया। विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों के हस्ताक्षर वाली अपील और सरकार के साथ सकारात्मक वार्ता के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। वांगचुक ने समर्थकों से लोकतंत्र और शांति के दायरे में रहकर आंदोलन आगे बढ़ाने की अपील की।
क्या थमेगा संसद और सड़कों का घमासान?
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन और संसद में विपक्ष का हंगामा पिछले चार दिनों से जारी है। ऐसे में आधी रात को उठाए गए इन चार बड़े कदमों को सरकार की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और छात्रों का भरोसा दोबारा जीतने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। अब देश की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इन फैसलों के बाद सड़क से लेकर संसद तक का माहौल शांत होता है या नहीं।
voice of india
