संसद का मॉनसून सत्र 2026: मॉनसून सत्र के पहले ही दिन संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। सुबह 11 बजे जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सांसदों से मर्यादा बनाए रखने और शांति की अपील की, लेकिन शोर-शराबा नहीं थमा। इसके चलते पहले कार्यवाही को 12 बजे तक और फिर दोबारा शुरू होने पर 12:30 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट में अब होंगे CJI समेत 38 जज, सरकार ने संसद में रखा संशोधन विधेयक
हंगामे और शोर-शराबे के बीच ही कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शीर्ष अदालत में जजों की संख्या में बढ़ोतरी से जुड़ा संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया। इस विधेयक के पास होते ही सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37 हो जाएगी। प्रधान न्यायाधीश (CJI) को शामिल करने पर सुप्रीम कोर्ट में कुल जजों की क्षमता 34 से बढ़कर 38 पहुंच जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह नया विधेयक मई 2026 में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा।
जजों की संख्या बढ़ाना क्यों बना जरूरी? जानिए इसके पीछे की मुख्य वजह
शीर्ष अदालत में लंबित मुकदमों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जजों की संख्या बढ़ने से न केवल मामलों का निस्तारण तेजी से हो सकेगा, बल्कि 5 या उससे अधिक जजों वाली संविधान पीठ के गठन में भी आसानी होगी। इससे गंभीर संवैधानिक मामलों की सुनवाई के साथ-साथ आम मुकदमों की नियमित सुनवाई पर भी कोई विपरीत असर नहीं पड़ेगा।
जहां तथ्य और तर्क हों, वहां तूफान की जगह नहीं: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
सत्र की शुरुआत से पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और राष्ट्रहित की आवाजों को सदन में अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां तर्क और तथ्य मजबूत होते हैं, वहां शांतिपूर्वक भी बात रखी जा सकती है और ऐसे माहौल में किसी तूफान या हंगामे की जगह नहीं होती। पीएम ने सभी सांसदों से अपील की कि वे सदन की चर्चा को समृद्ध बनाएं और हर विचार को सम्मान देते हुए कार्यवाही में बढ़-चढ़कर भाग लें।
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