
वाशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक महायुद्ध का रूप लेता जा रहा है। अमेरिकी सेना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए लगातार पांचवें दिन ईरान के कई बड़े और रणनीतिक शहरों को निशाना बनाकर भीषण मिसाइल हमले किए हैं। वहीं, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में भी दोनों देशों के बीच जंग और तेज हो गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद सख्त लहजे में सीधी चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर ईरान समझौते की मेज पर नहीं आता है, तो अमेरिकी सेना तबाही का दायरा बढ़ाते हुए अब ईरान के पुलों और बिजली घरों को मलबे में तब्दील कर देगी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का एक्शन: दक्षिणी ईरान में गूंजे भीषण धमाके
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ किए गए इन ताजा हवाई हमलों की आधिकारिक पुष्टि की है। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, बुधवार-गुरुवार को दक्षिणी ईरान के कई प्रमुख शहरों में एक के बाद एक कई मिसाइलें गिरीं, जिससे पूरा इलाका दहल उठा। जिन शहरों को अमेरिकी वायुसेना और मिसाइलों ने निशाना बनाया है, उनमें ईरान के बेहद महत्वपूर्ण तटीय शहर बंदर अब्बास (Bandar Abbas), सामरिक रूप से खास चाबहार (Chabahar) और अहवाज (Ahvaz) शामिल हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली (एयर डिफेंस सिस्टम), रडार, मिसाइल डिपो और ड्रोन ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकाबंदी: अमेरिकी मिसाइल ने ऑयल टैंकर को किया ‘डिसेबल’
अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की घेराबंदी करने के लिए सख्त नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) लागू कर रखी है। इस नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे एक खाली ऑयल टैंकर पर अमेरिकी नौसेना ने मिसाइल दाग दी। मिसाइल लगते ही यह विशालकाय जहाज पूरी तरह डिसेबल (निष्क्रिय) हो गया और ईरान के बंदरगाह की तरफ आगे नहीं बढ़ सका। अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन कर होर्मुज में लगाए गए अमेरिकी ब्लॉकेड को जबरन पार करने की फिराक में था।
CENTCOM ने ‘X’ पर लिखा— वैश्विक व्यापार की सुरक्षा के लिए जवाबदेही तय
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए इस पूरे सैन्य ऑपरेशन की वजह बताई है। CENTCOM ने लिखा, “कमांडर-इन-चीफ (राष्ट्रपति ट्रंप) के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ दूसरे दौर का बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। इन हमलों में विशेष रूप से ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को तबाह किया जा रहा है, जिनका इस्तेमाल वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को डराने और धमकाने के लिए करता है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार की रीढ़ है और हम इसकी सुरक्षा के लिए ईरान को पूरी तरह जवाबदेह ठहरा रहे हैं।”
थमने का नाम नहीं ले रहा तनाव, युद्ध के मुहाने पर मिडिल ईस्ट
अमेरिका के इन आक्रामक और एकतरफा हमलों के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। वाशिंगटन का स्पष्ट कहना है कि ईरान पिछले काफी समय से होर्मुज से निकलने वाले कमर्शियल और व्यापारिक जहाजों को लगातार निशाना बना रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में है। ऐसे में जब तक ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तब तक अमेरिका की यह जवाबी और विनाशकारी सैन्य कार्रवाई रुकने वाली नहीं है। फिलहाल दोनों ही देश पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे शांति की सारी उम्मीदें धुंधली पड़ती नजर आ रही हैं।
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