अयोध्या। रामनगरी अयोध्या से इस वक्त की एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में वीआईपी (VIP) पास जारी करने की प्रक्रिया को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय प्रभारी (इंचार्ज) ने इस खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिन महत्वपूर्ण पदों पर आसीन व्यक्तियों की आईडी का इस्तेमाल वीआईपी पास जारी करने के लिए किया जाता था, उन अधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसी वजह से तकनीकी रूप से पास जारी करने की व्यवस्था फिलहाल प्रभावित हुई है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि ट्रस्ट से जुड़े गोपाल राव भी इस समय सक्रिय रूप से काम नहीं कर रहे हैं, हालांकि ट्रस्ट के सम्मानित ट्रस्टी दिनेन्द्र दास के पास इस संबंध में सभी आवश्यक और वैध अधिकार मौजूद हैं।
पहले जारी होते थे 100 से ज्यादा पास, तकनीकी रूप से इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं
कार्यालय प्रभारी के मुताबिक, पहले मंदिर में वीआईपी पास जारी करने की कोई निश्चित या तय सीमा नहीं थी। जरूरत और परिस्थितियों के हिसाब से 100 या उससे अधिक पास भी एक बार में जारी कर दिए जाते थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोपाल राव, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के सहयोगी के रूप में जुड़े थे और उनके पास महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकार थे।
एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू को उजागर करते हुए इंचार्ज ने बताया कि अभी तक ट्रस्ट की किसी भी औपचारिक बैठक में इन इस्तीफों को स्वीकार नहीं किया गया है। ऐसे में कागजी और तकनीकी रूप से संबंधित अधिकारियों के अधिकार अभी भी बरकरार हैं, भले ही वे वर्तमान में अपने पदों पर काम नहीं कर रहे हों।
सुरक्षा में बड़ा बदलाव: पूर्व सैनिकों ने संभाला मोर्चा, दान के तरीकों में आया बदलाव
राम मंदिर की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ट्रस्ट ने कई व्यापक कदम उठाए हैं। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ट्रस्ट ने देश के सेवामुक्त (रिटायर्ड) सैनिकों की नियुक्ति की है और उन्हें मंदिर परिसर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।
इसके साथ ही, कार्यालय प्रभारी ने उन अफवाहों पर भी विराम लगा दिया जिसमें दान कम होने का दावा किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था और दान में कोई कमी नहीं आई है। बस अंतर इतना आया है कि अब अधिकतर रामभक्त खुले में दान देने के बजाय मंदिर परिसर के भीतर बने डोनेशन काउंटर या ट्रस्ट कार्यालय में बाकायदा रसीद लेकर पारदर्शी तरीके से दान देना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
चढ़ावा चोरी कांड के बाद महाफेरबदल: 13 नए CCTV कैमरे और 27 अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात
हाल ही में राम मंदिर परिसर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा और दान राशि की गणना (गिनती) व्यवस्था को बेहद सख्त और अभेद्य बना दिया है। नोटों की गिनती वाले स्थान (गणनास्थल) की 24 घंटे कड़ी निगरानी के लिए 13 नए अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं।
इसके अलावा, दान पेटियों को पूरी सुरक्षा के साथ मंदिर परिसर से गणना केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए 27 अतिरिक्त एसआईएस (SIS) सुरक्षा जवानों की विशेष तैनाती की गई है। इस नई और पारदर्शी व्यवस्था के तहत अब गणनास्थल के भीतर केवल 43 अधिकृत (Authorized) लोगों को ही मौजूद रहने की अनुमति होगी।
गुप्त दान पेटी पर पुलिस का कड़ा पहरा, बैंकिंग लेनदेन के लिए ‘संयुक्त हस्ताक्षर’ अनिवार्य
प्रशासन ने दान पेटी को लाने-ले जाने और गणनास्थल के बीच के पूरे रूट पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। मंदिर के पिलर नंबर-34 पर, जहां सबसे महत्वपूर्ण गुप्त दान पेटी रखी जाती है, वहां सुरक्षा को अभेद्य बनाते हुए तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की स्थाई ड्यूटी लगाई गई है।
चोरी की घटना से सबक लेते हुए ट्रस्ट ने अपनी बैंकिंग और वित्तीय व्यवस्था में भी एक बड़ा फेरबदल किया है। अब बैंक से जुड़े किसी भी प्रकार के लेनदेन या भुगतान के लिए अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) चंदन राय के संयुक्त हस्ताक्षर (Joint Signatures) होना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके बिना कोई भी वित्तीय कार्य नहीं होगा।
अब बिना जेब वाली ड्रेस में होगी नोटों की गिनती, नए SP सुरक्षा ने संभाला मोर्चा
इस नए वित्तीय बदलाव से पहले बैंक संबंधी सभी महत्वपूर्ण कार्य ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा देखते थे और पूरी प्रक्रिया डिजिटल हस्ताक्षरों (Digital Signatures) के माध्यम से संचालित होती थी। ट्रस्ट ने साफ किया है कि चोरी के मामले में जेल भेजे गए आरोपियों को छोड़कर, अन्य पुराने गणनाकर्मियों को ही अभी भी दान राशि की गिनती के कार्य में लगाया गया है।
रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व में इन कर्मचारियों की नियुक्ति मूल रूप से हाउसकीपिंग कार्य के लिए हुई थी, लेकिन बाद में उन्हें नोटों की गिनती जैसे अति-संवेदनशील कार्य में लगा दिया गया था। अब नई गाइडलाइन के तहत, नोटों की गिनती करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली (Pocketless) एक विशेष निर्धारित ड्रेस पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही, जब तक नोटों की गिनती चलेगी, उस पूरी प्रक्रिया की लगातार वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है। इसी बीच, अयोध्या में नवनियुक्त एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा ने राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की पूरी कमान संभाल ली है।
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