वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सीजफायर (युद्धविराम) खत्म करने के सनसनीखेज ऐलान के बाद अमेरिकी वायुसेना ने ईरान पर कयामत ढा दी है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने लगातार दो दिनों तक ईरान के आसमान को बारूद से पाट दिया, जिससे खाड़ी देशों में तीसरे विश्व युद्ध का खौफ पैदा हो गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि अमेरिका ने यह भीषण बमबारी उस वक्त की, जब पूरा ईरान अपने पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सुपुर्दे-खाक करने (दफनाने) की तैयारी कर रहा था। एक तरफ तेहरान की सड़कों पर खामेनेई के जनाजे में लाखों का जनसैलाब उमड़ा था, तो दूसरी तरफ अमेरिकी मिसाइलें ईरानी शहरों को खंडहर बना रही थीं।
ईरान का कबूलनामा: अमेरिकी हमलों में भारी तबाही, 14 की मौत
अमेरिकी एयरस्ट्राइक के बाद ईरान में मची तबाही को लेकर वहां की सरकार ने पहली बार आधिकारिक आंकड़ा जारी किया है। ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केर्मनपुर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर बताया कि पिछले 48 घंटों में हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों में से 47 की हालत नाजुक है और वे अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। ईरान सरकार ने इन मृतकों को ‘शहीद’ का दर्जा दिया है।
चाबहार से बंदर अब्बास तक थर्राया ईरान, रेलवे पुल भी उड़ाए
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने इस सैन्य कार्रवाई को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है। अमेरिका ने दो दिनों के भीतर ईरान के कुल 170 ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। बुधवार रात अमेरिकी बॉम्बर्स ने ईरान के 90 ठिकानों पर बम बरसाए, जबकि इससे पहले मंगलवार को 80 ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अमेरिकी सेना ने रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार पोर्ट, बंदर अब्बास, अबू मूसा द्वीप और बुशहर को निशाना बनाया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, मशहद जाने वाले रूट पर स्थित एक प्रमुख रेलवे पुल और दो बड़े पुलों को भी अमेरिकी मिसाइलों ने उड़ा दिया, जिससे देश का ट्रांसपोर्ट सिस्टम ठप हो गया है।
CENTCOM ने जारी किया तबाही का Video, अमेरिका ने बताई वजह
अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस भीषण हमले का एक ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो फुटेज जारी कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे अमेरिकी गाइडेड मिसाइलें ईरान के मिलिट्री एयरपोर्ट के रनवे और मिसाइल लॉन्च पैड्स को पलक झपकते ही तबाह कर रही हैं। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने ओमान के तट के पास कई कमर्शियल जहाजों (व्यापारिक जहाजों) पर हमले किए थे। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए ईरान की सैन्य क्षमता को कुचलना बेहद जरूरी हो गया था।
ईरान का आत्मघाती पलटवार: बहरीन, कुवैत और कतर में अमेरिकी ठिकानों पर दागीं मिसाइलें
अमेरिका के इस चक्रव्यूह से बौखलाए ईरान ने भी आत्मघाती कदम उठाते हुए खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से बड़ा हमला बोल दिया है। ईरान की कुख्यात सेना ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड्स’ (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और कतर में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों को सीधे टारगेट किया है। बहरीन, जहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (5th Fleet) का मुख्यालय है, वहां हमले के बाद दो बार एयर रेड सायरन बज चुके हैं और लोग बंकरों में छिपने को मजबूर हैं। वहीं कुवैत की सेना ने बयान जारी कर कहा है कि वे ईरान के ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट (नष्ट) करने के लिए एक्टिव मोड में हैं। फिलहाल इन देशों में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरा खाड़ी क्षेत्र इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठा है।
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