Thursday , 9 July 2026

ट्रेन के First AC कोच को बना दिया ‘हनीमून सुइट’: चलती ट्रेन में जलाईं मोमबत्तियां, वीडियो वायरल होते ही रेलवे ने TTE को किया सस्पेंड

मुंबई। भारतीय रेलवे अक्सर अपने अनोखे कारनामों के लिए चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने रेलवे प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और सख्त नियमों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। महाराष्ट्र के बल्हारशाह से मुंबई के दादर के बीच चलने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी (First AC) कोच का एक हैरान करने वाला वीडियो इंटरनेट पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है।

इस वीडियो में ट्रेन के एक पूरे केबिन को किसी नवविवाहित जोड़े के लिए आलीशान ‘हनीमून सुइट’ की तरह सजाया गया है। मामला जैसे ही रेल मंत्रालय और उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित टीटीई (TTE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।

गुब्बारों से सजा केबिन और बर्थ पर गुलाब के फूलों से बना ‘दिल’

नंदीग्राम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11002 डाउन) के फर्स्ट एसी कोच का यह वायरल वीडियो देखने में जितना आलीशान है, उतना ही चौंकाने वाला भी है। वीडियो में कैमरा जैसे ही केबिन के दरवाजे से अंदर दाखिल होता है, नजारा किसी फाइव स्टार होटल जैसा नजर आता है। ट्रेन की पूरी बर्थ को रंग-बिरंगे गुब्बारों, ताजे फूलों और खूबसूरत गुलदस्तों से सजाया गया है। इतना ही नहीं, ट्रेन की सीट पर लाल गुलाब की पंखुड़ियों को बेहद खूबसूरती से बिखेरकर एक बड़ा सा ‘दिल’ बनाया गया है।

सबसे ज्यादा डराने वाली बात: चलती ट्रेन के इस बंद केबिन के बीचों-बीच कुछ मोमबत्तियां (दीपक) भी जल रही थीं। बंद एसी कोच के अंदर इस तरह ज्वलनशील वस्तुएं जलाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा था, जिससे पूरी ट्रेन में आग लगने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।

बिना इजाजत डेकोरेटर बुलाकर कराई बुकिंग, रेलवे ने लिया कड़ा एक्शन

मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया और इस पूरी घटना का सच सामने रखा। रेलवे के आधिकारिक बयान के मुताबिक, ट्रेन में सफर कर रहे एक नवविवाहित जोड़े ने अपनी इस यात्रा को यादगार बनाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से एक प्राइवेट डेकोरेटर (सजावट करने वाली एजेंसी) की सेवाएं ली थीं।

इस डेकोरेटर ने रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के अंदर घुसकर पूरी बर्थ को सजाया, लेकिन इसके लिए रेलवे प्रशासन या रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी। चलती ट्रेन में ज्वलनशील मोमबत्तियां जलाना और बिना अनुमति बाहरी व्यक्ति का एसी कोच में घुसना सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक माना गया है। रेलवे ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए ड्यूटी पर तैनात ट्रेन टिकट निरीक्षक (TTE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

क्या कहते हैं भारतीय रेलवे के नियम और कितनी हो सकती है सजा?

भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, चलती ट्रेन के डिब्बे में बिना अनुमति के अनाधिकृत रूप से बाहरी व्यक्तियों से व्यावसायिक काम कराना और कोच के अंदर मोमबत्तियां या दीपक जलाना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। रेलवे अधिनियम, 1989 (The Railways Act, 1989) के तहत इस मामले में तीन अलग-अलग पक्षों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है:

  • अनाधिकृत प्रवेश और व्यावसायिक गतिविधि (Section 144 & 147): रेलवे की अनुमति के बिना कोच में व्यावसायिक सजावट करना या बिना उचित टिकट के प्रवेश करना अपराध है। इसके तहत डेकोरेटर और यात्री को 6 महीने तक की कैद या 1,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

  • ट्रेन में ज्वलनशील वस्तुएं या आग जलाना (Section 164): चलती ट्रेन में मोमबत्ती या दीपक जलाना सह-यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा है। इस धारा के तहत अपराध सिद्ध होने पर 3 साल तक की जेल या 5,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं।

  • सह-यात्रियों के लिए खतरा पैदा करना (Section 145): ट्रेन में कोई भी ऐसा कृत्य करना जिससे दूसरों की सुरक्षा को खतरा हो, इस धारा के तहत आता है। इसके लिए जुर्माना और बार-बार गलती दोहराने पर 6 महीने तक की कैद हो सकती है। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाले रेल कर्मचारियों (TTE और कोच अटेंडेंट) के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है।


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