Thursday , 9 July 2026

ईरान पर अमेरिका का महाहमला: बंदर अब्बास से चाबहार तक दहली धरती, राष्ट्रपति ट्रंप ने तस्वीर शेयर कर कहा- ‘यह तो बस शुरुआत है’

वॉशिंगटन/तेहरान। मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘विध्वंसक हमले’ की चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर चौतरफा सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण तटीय इलाकों—बंदर अब्बास, सीरिक, चाबहार और कोनारक समेत कई शहरों पर अमेरिका ने भीषण बमबारी की है।

ईरानी समाचार एजेंसियों के मुताबिक, इन धमाकों की गूंज से पूरा इलाका दहल उठा है और इस हमले में अब तक दो स्थानीय मछुआरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।

दहल उठे ईरान के बंदरगाह, चाबहार में बिजली ठप और अस्पताल पर गिरा मलबा

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ‘इरना’ (IRNA) और ‘मिजान’ के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के प्रमुख बंदरगाहों को निशाना बनाया है। चाबहार और कोनारक के पास एक के बाद एक कुल 10 भीषण धमाके सुने गए। इस हमले के बाद चाबहार के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चाबहार में एक अस्पताल के ऊपर दागे गए हथियार का मलबा गिरा है। इसके अलावा, ईरान के शहीद बेहेश्ती पोर्ट, कलंतरी पोर्ट और समुद्री यातायात नियंत्रण टावर (मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर) को भी भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं, अक्काला क्षेत्र में अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण रेलवे ब्रिज को बमबारी कर उड़ा दिया है।

अबू मूसा द्वीप और बुशेहर भी बने निशाना, एक्टिव हुआ ईरानी एयर डिफेंस

ईरान के सरकारी न्यूज चैनल ‘प्रेस टीवी’ के मुताबिक, अबू मूसा द्वीप पर कम से कम 10 धमाके दर्ज किए गए हैं, जबकि बंदर अब्बास में 8 और सीरिक में 3 जोरदार धमाके हुए हैं। इसके अलावा जास्क में कई विस्फोटों और बुशेहर परमाणु संयंत्र के नजदीकी इलाकों में दो प्रोजेक्टाइल गिरने की खबर है। हमले के तुरंत बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गया, जिसने आसमान में ही कई अमेरिकी मिसाइलों को रोकने की कोशिश की।

राष्ट्रपति ट्रंप ने शेयर की जलते ईरान की तस्वीर, दी ‘आखिरी चेतावनी’

इस विध्वंसक हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर चाबहार में लगी भीषण आग और उठती लपटों की एक तस्वीर साझा की।

राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा: “यह कल ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर किए गए हमले का करारा जवाब है। ईरान यह अच्छी तरह समझ ले कि अगर दोबारा ऐसी कोई भी हिमाकत की गई, तो अगला अंजाम इससे भी कई गुना ज्यादा गंभीर और विनाशकारी होगा।”

अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) ने की पुष्टि: ‘जहाजों की सुरक्षा के लिए हमला जरूरी’

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर एक आधिकारिक बयान जारी कर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है। सेंटकॉम ने कहा, “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे निर्देश पर अमेरिकी बलों ने ईरान के भीतर सैन्य एक्शन शुरू किया है। यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही की आजादी को सुरक्षित करने और ईरान की हमलावर क्षमता को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए की जा रही है।”

नाटो (NATO) ने भी दिया अमेरिका का साथ

इससे पहले तुर्की में आयोजित नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ही राष्ट्रपति ट्रंप ने इसके संकेत दे दिए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात से ठीक पहले ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि अमेरिका ईरान की गुंडागर्दी के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और उसे बेहद जोरदार जवाब दिया जाएगा। इस बीच, नाटो (NATO) देशों ने भी अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई का खुलकर समर्थन किया है, जिससे मध्य पूर्व में पूर्ण युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।

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