
मुंबई महाराष्ट्र में मॉनसून की मूसलाधार बारिश अब आफत और तबाही का सबब बन चुकी है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश और उससे जनित हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले 48 घंटों के भीतर प्रदेश में बारिश और अन्य दुर्घटनाओं में कुल 10 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इस बीच सतारा जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां करंट की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
सतारा में दिल दहला देने वाला हादसा: बचाने के चक्कर में पूरा परिवार खत्म
सतारा जिले के फलटण तालुका के अंतर्गत आने वाले खामगांव गांव में कुदरत के इस कहर के बीच एक बड़ा हादसा हो गया। यहां पारधी समाज का एक परिवार बिजली के टूटे हुए हाई-टेंशन तार की चपेट में आ गया। प्राथमिक जांच से मिली जानकारी के मुताबिक, घर के ठीक सामने से गुजर रहा बिजली का तार अचानक टूटकर गिर गया था। सबसे पहले परिवार का एक सदस्य अनजाने में इस लाइव वायर (करंट) की चपेट में आया। उसे तड़पता देख और बचाने के प्रयास में परिवार के अन्य सदस्य भी एक-एक कर आगे आए और वे भी उस जानलेवा करंट की जद में आ गए। देखते ही देखते चारों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान किशोरडे शिंदे, सचिन शिंदे, गगाया शिंदे और अर्चना शिंदे के रूप में की गई है, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही फलटण पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा और शवों को पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मुंबई में समंदर दिखाएगा रौद्र रूप, हाई-टाइड की बड़ी चेतावनी जारी
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उसके आस-पास के उपनगरों में भी मॉनसून का कड़ा पहरा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और उपनगरों में अगले 24 घंटों के लिए आसमान में काले बादल छाए रहने और रुक-रुककर हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने समंदर के किनारे रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए हाई-टाइड की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार शाम को समंदर में करीब 3.77 मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसके अलावा, बृहस्पतिवार सुबह भी करीब 3.49 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों से दूर रहने की अपील की है।
ठाणे में उफान पर नदियां, शाहपुर-मुरबाड़ मार्ग पूरी तरह ठप
ठाणे जिले में बुधवार सुबह से ही कड़कड़ाती बिजली और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के सभी निचले इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। सबसे ज्यादा चिंताजनक स्थिति नदियों के जलस्तर को लेकर है, जो खतरे के निशान के बिल्कुल करीब पहुंच चुकी हैं। ठाणे की खड़वली और भातसा नदी इस समय उफान पर बह रही हैं। शाहपुर-मुरबाड़ मार्ग पर भातसा नदी का पानी लिबर्टी ऑयल कंपनी के पास मुख्य सड़क पर आ गया है, जिसके चलते इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। इसके अलावा बदलापुर मार्ग पर भी जलभराव के कारण गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। भिवंडी की कामवारी नदी और उल्हास नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कोल्हापुर का प्रसिद्ध दत्ता मंदिर पानी में डूबा, NDRF की तैनाती
पश्चिम महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में भी बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होती नजर आ रही है। यहां की प्रमुख पंचगंगा और कृष्णा नदियों में पानी का बहाव लगातार तेज हो रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कोल्हापुर के नृसिंहवाड़ी में स्थित सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक ‘दत्ता मंदिर’ पूरी तरह से पानी में जलमग्न हो गया है। मंदिर परिसर में पानी भरने के बाद सुरक्षा के लिहाज से एनडीआरएफ (NDRF) की एक विशेष टीम को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ के जवान लगातार पानी के स्तर का मुआयना कर रहे हैं और जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
शाहपुर में पहाड़ी ढहने से मलबे में तब्दील हुए मकान, मची दहशत
भारी बारिश का कहर ठाणे के शाहपुर तालुका में भूस्खलन (Landslide) के रूप में भी देखने को मिला। शाहपुर के डेहणे गांव के खांडीचा पाड़ा इलाके में मूसलाधार बारिश के चलते एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा अचानक दरक कर नीचे रिहाइशी बस्ती पर आ गिरा। इस भूस्खलन की चपेट में आने से करीब 6 से 7 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत यह रही कि पहाड़ी दरकने की आवाज सुनते ही लोग समय रहते अपने घरों से बाहर भाग निकले, जिससे एक बड़ा नरसंहार टल गया और किसी की जान नहीं गई। हालांकि, कई गरीब परिवारों का अनाज, कपड़े, बर्तन और पूरा घरेलू सामान मलबे के नीचे दबकर नष्ट हो गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में खौफ का माहौल है। राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा कर रही हैं।
नासिक में बिगड़े हालात, सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित
इधर, नासिक जिले में भी आसमानी आफत का कहर लगातार जारी है। नासिक नगर निगम क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश और सड़कों पर हुए भारी जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। छात्रों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए नासिक के नगर आयुक्त ने आज जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों तथा कॉलेजों में तत्काल प्रभाव से अवकाश (Emergency Holiday) घोषित कर दिया है। नगर निगम ने सभी शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन को कड़ाई से इस आदेश का पालन करने का निर्देश दिया है और अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को घरों से बाहर न भेजें।
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