उत्तर प्रदेश के कानपुर से व्यापार जगत और टैक्स चोरी को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। फर्जी फर्म बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाने वाले गिरोह पर राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) ने अब तक का सबसे बड़ा शिकंजा कसा है। जुलाई माह के पहले ही हफ्ते में विभाग ने विशेष अभियान चलाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के एक बहुत बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस महास्कैम में शामिल तीन फर्जी फर्मों के खिलाफ पुलिस थानों में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज करा दी गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुआ महा-ऐक्शन
राज्य कर विभाग की यह ताबड़तोड़ कार्रवाई एडिशनल कमिश्नर श्रीमती सान्या छाबड़ा (IRS) एवं एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 श्री विजय प्रकाश राम के सीधे निर्देशन में हुई है। अधिकारियों को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि शहर में कुछ ऐसी फर्में सक्रिय हैं, जो केवल कागजों पर चल रही हैं। विभाग की विशेष जांच टीम ने जब इन फर्मों के ठिकानों पर छापेमारी की, तो हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई। ये कंपनियां बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-बिक्री (व्यापार) किए सिर्फ फर्जी दस्तावेजों के दम पर करोड़ों रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) डकार रही थीं।
कुमार इंटरप्राइजेज: मकान मालिक ने खोला फर्जीवाड़े का राज
विभाग की जांच में सबसे पहला नाम ‘सर्वश्री कुमार इंटरप्राइजेज’ का सामने आया है। इस फर्म ने कागजों में अपना बिजनेस एड्रेस शनि बाजार रोड, केओआरपुरम दिखा रखा था। लेकिन जब जीएसटी की टीम जमीनी हकीकत जानने इस पते पर पहुंची, तो वहां ताला लटका मिला और कोई व्यापार नहीं हो रहा था। टीम ने जब मकान मालिक से पूछताछ की, तो उसने साफ कह दिया कि उसने यह परिसर किसी को किराये पर दिया ही नहीं है। इस फर्म ने जाली कागजात के जरिए करीब 1.15 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी पास कराकर राजस्व को भारी चपत लगाई। विभाग ने इस मामले में कानपुर के थाना चकेरी में मुकदमा दर्ज कराया है।
विकास इंटरप्राइजेज: 9.52 करोड़ रुपये का आईटीसी ब्लॉक
फर्जीवाड़े का दूसरा और सबसे बड़ा मामला ‘सर्वश्री विकास इंटरप्राइजेज’ से जुड़ा है। इस शातिर फर्म ने बर्रा क्षेत्र में एक फर्जी व्यापार स्थल दिखाकर कागजों पर करोड़ों का खेल कर डाला। जांच में पता चला कि फर्म ने करीब 4.46 करोड़ रुपये का फर्जी आईटीसी पास कराया था। मामला पकड़ में आते ही राज्य कर विभाग ने तुरंत बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्म के क्रेडिट लेजर में मौजूद 9.52 करोड़ रुपये के आईटीसी को तत्काल प्रभाव से फ्रीज (ब्लॉक) कर दिया है। इस जालसाजी को लेकर थाना बर्रा में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
सिंह ट्रेडर्स: अस्तित्वहीन पते पर चल रहा था करोड़ों का खेल
इसी कड़ी में तीसरी कार्रवाई ‘सर्वश्री सिंह ट्रेडर्स’ पर हुई है। इस फर्म ने जरौली क्षेत्र में एक ऐसा पता दिखाया था, जिसका वास्तव में कोई वजूद ही नहीं था। इस अस्तित्वहीन व्यापार स्थल के नाम पर फर्म ने 61.41 लाख रुपये के फर्जी आईटीसी का गलत तरीके से लाभ उठाया। इस मामले में भी विभाग की तहरीर पर थाना बर्रा में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
कर चोरों को विभाग की सख्त चेतावनी, आगे भी जारी रहेगा एक्शन
इस बड़ी कार्रवाई के बाद राज्य कर विभाग के आला अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। कानपुर और आसपास के इलाकों में फर्जी फर्मों और टैक्स चोरी के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा। विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोरतम वैधानिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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