लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की अधिकारिक एंट्री के साथ ही जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक दावों की कलई भी खुलकर सामने आ गई है। कानपुर और मथुरा समेत सूबे के कई जिलों में हुई मूसलाधार बारिश ने नगर निगमों के विकास कार्यों और मानसून से निपटने की तैयारियों की पोल खोल दी है। मानसून की पहली ही बरसात में कई बड़े शहर टापू में तब्दील हो गए, सड़कें धंस गईं और प्रमुख मार्गों पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस बदइंतजामी के कारण आम जनता को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की लापरवाही साफ उजागर हो रही है।

कानपुर में तैरती दिखीं गाड़ियां, अस्पतालों और थानों में घुसा पानी
उद्योग नगरी कानपुर में शुक्रवार को हुई भारी बारिश ने तबाही का मंजर पैदा कर दिया। शहर के वीआईपी (VIP) रोड पर गाड़ियां पानी में तैरती नजर आईं, वहीं कांशीराम अस्पताल और सीएमओ (CMO) कार्यालय परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गए। अस्पताल में पानी भरने की वजह से मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को घुटनों तक पानी में से होकर गुजरना पड़ा। रिहायशी इलाकों और गल्ली-मोहल्लों का नजारा किसी टापू जैसा हो गया है। हालात इस कदर बिगड़ गए कि पुलिस चौकियां तक पानी में डूब गईं। इस जलभराव के बीच हर तरफ सिर्फ नगर निगम के अफसरों की लाचारी और बदइंतजामी ही झलकती रही।
मथुरा में सड़कें बनीं समंदर, अंडरपास डूबे और गाड़ियां हुईं बंद
कान्हा की नगरी मथुरा में भी पहली बारिश ने हालात बेकाबू कर दिए हैं। महानगर की प्रमुख सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं और सड़कों पर एक-एक फीट तक पानी जमा हो गया है। जलभराव के कारण सड़कों पर चल रही कई राहगीरों की गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो गईं, जिससे लोगों को धक्का मारना पड़ा। शहर के रेलवे अंडरपास और भूतेश्वर पुल के पास भारी मात्रा में पानी भर जाने से वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है और कई इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है।

कानपुर में 15 साल का टूटा रिकॉर्ड, 3 जुलाई को हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश
मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर में इस बार मानसून की बारिश ने पिछले 15 सालों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। शहर में बीते 3 जुलाई को रिकॉर्ड 108 मिलीमीटर (mm) बारिश दर्ज की गई, जिसने पूरे शहर को पानी-पानी कर दिया। इतनी भारी बारिश की उम्मीद शायद प्रशासन को भी नहीं थी, यही वजह रही कि ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से चोक हो गया और पानी की निकासी न होने से हाहाकार मच गया।
मौसम विभाग की चेतावनी: यूपी के 28 जिलों में आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भले ही सुबह के वक्त कई जिलों में तेज धूप निकल रही हो और बीच-बीच में बादल छा रहे हों, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए उत्तर प्रदेश के 28 जिलों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
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