Sunday , 5 July 2026

यूपी : हर जिले में मिलेगा कैंसर का इलाज, 60 मिनट में मिलेगी इमरजेंसी लाइफ सपोर्ट…जानिए सीएम योगी का महाप्लान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के हर जिले में कैंसर के इलाज की आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और सड़क दुर्घटनाओं व अन्य आपातकालीन स्थितियों में घायलों की जान बचाने के लिए एक विशाल एकीकृत नेटवर्क तैयार करने का निर्देश दिया है। इस नए प्लान के तहत अब प्रदेश के किसी भी कोने में सड़क हादसे के शिकार व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के ठीक बाद का पहला घंटा) के भीतर ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यूपी की स्वास्थ्य प्रणाली को केवल बीमारी के इलाज तक सीमित न रखकर त्वरित उपचार, समय पर जांच, आधुनिक तकनीक और मजबूत रेफरल सिस्टम से लैस किया जाए, ताकि हर नागरिक को उसके घर के पास ही विश्वस्तरीय इलाज मिल सके।

2036 तक का ‘कैंसर रोडमैप’ तैयार, हर मंडल में बनेगा आधुनिक केंद्र

शुक्रवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर टास्क फोर्स’ की कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि जागरूकता की कमी और देर से बीमारी का पता चलने के कारण कैंसर एक बड़ी चुनौती बन रहा है। इससे निपटने के लिए सरकार ने वर्ष 2026 से 2036 तक का 10 वर्षीय राज्य कैंसर रोडमैप तैयार किया है।

सीएम योगी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मंडलों में आधुनिक कैंसर केंद्र स्थापित किए जाएं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) से लेकर जिला अस्पतालों तक नियमित रूप से कैंसर की स्क्रीनिंग की जाए। इसके साथ ही, तंबाकू से होने वाले कैंसर को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मरीजों की स्क्रीनिंग से लेकर उनके पूरे इलाज और फॉलोअप को पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।

‘यूपीटीईएन’ से बदलेगी इमरजेंसी सेवाएं, 60 मिनट में मिलेगा इलाज

सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए सरकार ‘उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क’ (UPTEN) शुरू करने जा रही है। इस नेटवर्क के जरिए राज्य की करीब 95 फीसदी आबादी को महज 60 मिनट के भीतर विशेषज्ञ डॉक्टरों का इलाज मिलना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके तहत पूरे राज्य में त्रिस्तरीय (लेवल-1 एपेक्स केंद्र, लेवल-2 क्षेत्रीय केंद्र और लेवल-3 जिला व प्राथमिक प्रतिक्रिया इकाइयां) इमरजेंसी यूनिट्स का जाल बिछाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इमरजेंसी सेवाएं किसी भी अस्पताल की रीढ़ की हड्डी होती हैं। अगर एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम सुधार कर घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो हजारों मासूम जानें बचाई जा सकती हैं। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) पर त्वरित चिकित्सा सहायता की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

एआई (AI) संभालेगा कमान, नहीं भटकेगे मरीज

रेफरल प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) पर आधारित डिजिटल रेफरल प्रणाली विकसित करेगी। इस तकनीक की मदद से एम्बुलेंस की लोकेशन, अस्पतालों में डॉक्टरों की मौजूदगी, बेड की उपलब्धता और दवाओं की स्थिति की रियल-टाइम (वास्तविक समय) मॉनिटरिंग होगी। इससे मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

8 स्तंभों पर टिका होगा नया हेल्थ मिशन

प्रस्तावित नया कैंसर मिशन मुख्य रूप से आठ स्तंभों पर आधारित होगा। इसमें बीमारी की रोकथाम, शुरुआती जांच, एडवांस इलाज, पैलिएटिव केयर (पुनर्वास), डिजिटल हेल्थ रजिस्ट्री, डॉक्टरों व स्टाफ की क्षमता वृद्धि, ऑन्कोलॉजी अनुसंधान और समन्वित ऑन्कोलॉजी सेवाएं शामिल हैं। बच्चों में होने वाले कैंसर (बाल्यावस्था कैंसर) के लिए भी सभी प्रमुख केंद्रों पर विशेष और समग्र उपचार की व्यवस्था की जाएगी।

सीएम योगी ने स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इलाज के साथ-साथ शुद्ध पेयजल, बेहतर खानपान, योग और सही जीवन पद्धति के प्रति लोगों को जागरूक करना बेहद जरूरी है, जिससे बीमारियों को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।

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