Saturday , 11 July 2026

खौफनाक सजा: चलती कार में Kiss कर रहे थे कपल, टिकटॉक लाइवस्ट्रीम के चक्कर में फंसे….भीड़ के सामने बरसाए गए 21-21 बेंत

इंडोनेशिया के आचेह प्रांत से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्रेमी जोड़े को बिना शादी के एक-दूसरे को चूमने (Kiss) और उसका सोशल मीडिया पर लाइव करने की ऐसी खौफनाक सजा मिली, जिसे देखकर लोगों की रूह कांप गई। आचेह में लागू कड़े शरिया कानून के तहत इस कपल को करीब 100 लोगों की भीड़ के सामने बेरहमी से बेंत (कोड़े) से पीटा गया। दर्द से चीखते-चिल्लाते कपल पर हो रहे इस अत्याचार के दौरान तमाशबीन बनी भीड़ में से कुछ लोग तो ऐसे भी थे, जो सजा देने वाले जल्लाद से और तेज बेंत मारने की मांग कर रहे थे।

टिकटॉक लाइवस्ट्रीम के चक्कर में फंसे, 4 महीने बाद मिली खौफनाक सजा

यह पूरा मामला इसी साल फरवरी महीने का है। 22 साल के एक युवक और 25 साल की युवती एक कार के भीतर एक-दूसरे को किस कर रहे थे। इसी दौरान वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TikTok) पर लाइवस्ट्रीमिंग भी कर रहे थे। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय कट्टरपंथियों और लोगों ने इसकी शिकायत शरिया अधिकारियों से कर दी। लंबी तलाश के बाद शरिया पुलिस ने अप्रैल महीने में इस कपल को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस का साफ कहना था कि इन्होंने खुलेआम इस्लामिक शरिया कानूनों की धज्जियां उड़ाई हैं।

भीड़ के सामने बरसाए गए 21-21 बेंत, सबूत नष्ट करने के आदेश

बांदा आचेह के बुस्तानससलातिन सिटी पार्क में इस सजा को अंजाम दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कोर्ट ने कपल को दोषी करार देते हुए पहले 25-25 कोड़े मारने का हुक्म सुनाया था। लेकिन, चूंकि यह कपल गिरफ्तारी के बाद से 4 महीने जेल में काट चुका था, इसलिए उनकी सजा में 4 कोड़ों की कटौती की गई और सरेआम 21-21 बेंत मारे गए। इतना ही नहीं, कोर्ट ने उस मोबाइल फोन और यूएसबी ड्राइव को भी जब्त कर लिया है जिससे यह वीडियो बनाया और शेयर किया गया था। अदालत ने इन सभी डिजिटल सबूतों को पूरी तरह नष्ट करने का भी आदेश जारी किया है।

आचेह प्रांत: जहां शरिया कानून के नाम पर दी जाती है ऐसी सजाएं

आपको बता दें कि आचेह, पूरे इंडोनेशिया का एकमात्र ऐसा प्रांत है जहां बेहद सख्त शरिया कानून लागू है। इस प्रांत में अनैतिक कृत्य, जुआ, रेप, यौन उत्पीड़न, शादी से इतर किसी भी तरह के शारीरिक या अंतरंग संबंध, समलैंगिकता और शराब पीने या बेचने जैसे मामलों में बेहद क्रूर सजाएं दी जाती हैं। मानवाधिकार संगठनों द्वारा वैश्विक स्तर पर इस तरह की सरेआम दी जाने वाली सजाओं का लगातार विरोध किया जाता रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां के प्रशासन और कानून व्यवस्था पर इसका कोई असर नहीं पड़ता है और आए दिन ऐसी बर्बरता की तस्वीरें सामने आती रहती हैं।

Check Also

होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का ईरान को अल्टीमेटम, ओमान वार्ता पर टिकीं दुनिया की नजरें, ट्रंप बोले- ‘युद्धविराम खत्म’

वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) में एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। …