Monday , 29 June 2026

UP School Heatwave Alert: यूपी में रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच योगी सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों के लिए जारी हुई ‘टीचर्स गाइडलाइन-2026’, जानें नए नियम

उत्तर प्रदेश में सूर्यदेव के तल्ख तेवर और भीषण लू (Heatwave) के प्रकोप को देखते हुए योगी सरकार ने नौनिहालों की सुरक्षा के लिए एक बेहद संवेदनशील और बड़ा कदम उठाया है। राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और हीट स्ट्रोक के खतरों के बीच बेसिक शिक्षा विभाग ने ‘टीचर्स गाइडलाइन-2026’ जारी कर दी है। सरकार के इस कदम का सीधा मकसद स्कूलों को सिर्फ पढ़ाई का केंद्र न रखकर, बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना बनाना है। इस नई गाइडलाइन के तहत अब शिक्षकों को हीटवेव से बचाव, इसके शुरुआती लक्षणों की पहचान और तत्काल प्राथमिक उपचार (First Aid) देने की पूरी ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (बेसिक और माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा के कड़े निर्देशों पर तैयार की गई इस गाइडलाइन में प्रदेश के सभी स्कूलों को अपने स्तर पर ‘हीट एक्शन प्लान’ तैयार करने, व्यापक स्तर पर जागरूकता फैलाने और इमरजेंसी स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

तपते यूपी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि, इसलिए पड़ी जरूरत

उत्तर प्रदेश में अप्रैल से जून के महीनों के दौरान मौसम का मिजाज बेहद आक्रामक हो जाता है और पारा अक्सर 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। ऐसे में लू और हीट स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इस जानलेवा गर्मी का सबसे पहला और बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ता है, क्योंकि बड़ों की तुलना में बच्चों का शरीर जल्दी गर्म हो जाता है और वे अपनी शारीरिक समस्याओं या लक्षणों को खुलकर बताने में भी सक्षम नहीं होते हैं।

सरकार ने साफ किया है कि इस संकट से निपटने में स्कूल के शिक्षक सबसे मजबूत कड़ी साबित होंगे। अब शिक्षक सुबह की प्रार्थना सभा (असेंबली), क्लासरूम, खेलकूद के मैदान और रोजमर्रा की गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में हीटवेव से बचाव के गुर सिखाएंगे।

हर स्कूल में बनेगा ‘हीट एक्शन प्लान’, तैनात होंगे नोडल शिक्षक

इस नई गाइडलाइन के मुताबिक, अब प्रदेश के हर स्कूल को अनिवार्य रूप से अपना खुद का ‘स्कूल हीट एक्शन प्लान’ तैयार करना होगा। इसके तहत स्कूल में एक ‘हेल्थ नोडल शिक्षक’ की नियुक्ति की जाएगी, जो स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की कमान संभालेंगे। इसके साथ ही शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों के लिए विशेष ओरिएंटेशन प्रोग्राम (प्रशिक्षण सत्र) चलाए जाएंगे। स्कूल परिसरों के मुख्य स्थानों पर ‘क्या करें और क्या न करें’ के बड़े-बड़े जागरूकता पोस्टर लगाए जाएंगे ताकि हर कोई अलर्ट रहे।

बदल जाएगी स्कूलों की टाइमिंग और आउटडोर एक्टिविटी

बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्कूल के शेड्यूल में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब सुबह की असेंबली, खेलकूद, शारीरिक शिक्षा (PT) और किसी भी तरह की आउटडोर गतिविधियां हर हाल में सुबह 10 बजे से पहले पूरी करनी होंगी। मौसम विभाग (IMD) की ओर से ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी होने की स्थिति में भारी शारीरिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके अलावा, बच्चों को मिड-डे मील (MDM) केवल छायादार और ठंडी जगहों पर ही परोसा जाएगा।

हाइड्रेशन पर रहेगा विशेष जोर, पानी के लिए मिलेगा स्पेशल ब्रेक

गाइडलाइन में बच्चों के शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न होने देने पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है। स्कूलों में 24 घंटे साफ और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को हर 20-30 मिनट में पानी पीने के लिए प्रोत्साहित करें। इसके साथ ही, बच्चों के टिफिन और खान-पान में तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर मौसमी फलों को शामिल करने के लिए बढ़ावा दिया जाएगा।

स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में होगा सुधार, हल्के कपड़ों की छूट

गर्मी के थपेड़ों से बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में भी जरूरी बदलाव किए जाएंगे। कक्षाओं में बेहतर वेंटिलेशन, पर्याप्त पंखे और कूलर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। स्कूल परिसरों में छायादार पेड़ लगाने, कूल रूफ टेक्नोलॉजी और छतों पर रिफ्लेक्टिव पेंट का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, बच्चों को भारी यूनिफॉर्म के बजाय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, सिर ढकने के लिए टोपी या छाते का उपयोग करने की सलाह दी गई है।

इन लक्षणों पर रखनी होगी पैनी नजर, फर्स्ट एड किट अनिवार्य

योगी सरकार की इस गाइडलाइन में हीट स्ट्रेस के लक्षणों और उनके तुरंत उपचार को लेकर विस्तृत निर्देश दिए गए हैं।

  • प्रमुख लक्षण: अत्यधिक पसीना आना, तेज प्यास लगना, सिरदर्द, चक्कर आना, शारीरिक कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन, उल्टी होना, मानसिक उलझन या अचानक बेहोशी छा जाना।

  • तत्काल प्राथमिक उपचार: लक्षण दिखते ही बच्चे को तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं। उसके शरीर पर ठंडी पट्टियां रखें और धीरे-धीरे ओआरएस (ORS) का घोल पिलाएं। स्थिति गंभीर होने पर बिना समय गंवाए 108 एम्बुलेंस या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

सरकार ने हर स्कूल में एक फर्स्ट एड किट, पर्याप्त मात्रा में ORS पाउच, डिजिटल थर्मामीटर और 108 एम्बुलेंस सहित सभी नजदीकी डॉक्टरों के इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर्स को डिस्प्ले करना अनिवार्य कर दिया है।

विशेष बच्चों की होगी एक्स्ट्रा केयर, माता-पिता को भी निभानी होगी भूमिका

इस अभियान में अस्थमा, दिल की बीमारी, डायबिटीज, मोटापा या किसी भी प्रकार की विकलांगता से ग्रसित बच्चों पर शिक्षक विशेष नजर रखेंगे। जो बच्चे हाल ही में बुखार, उल्टी या दस्त की बीमारी से उबरें हैं, उनकी अतिरिक्त देखभाल की जाएगी।

इसके साथ ही, माता-पिता को भी जागरूक किया गया है कि वे बच्चों को खाली पेट स्कूल न भेजें और घर से निकलने से पहले पर्याप्त पानी या तरल पदार्थ जरूर पिलाएं। यदि बच्चा अस्वस्थ महसूस कर रहा है, तो उसे स्कूल भेजने के बजाय घर पर ही आराम करने दें और घरेलू स्तर पर भी हीटवेव से बचाव के उपाय अपनाएं।

मौसम विभाग के अलर्ट पर रहेगी नजर, अन्य राज्यों के लिए मिसाल बनेगी पहल

उत्तर प्रदेश के स्कूलों को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी किए जाने वाले डेली वेदर अलर्ट पर कड़ी नजर रखनी होगी। स्कूलों को अपने यहां हीटवेव से जुड़ी हर छोटी-बड़ी घटना का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा, जिसकी नियमित रूप से समीक्षा की जाएगी और समय-समय पर मॉक ड्रिल भी आयोजित होंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली, राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे अत्यधिक गर्म राज्यों में भी इस तरह के स्कूल हीट एक्शन प्लान लागू हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे जिस व्यापकता और ‘टीचर्स गाइडलाइन-2026’ के रूप में कानूनी रूप से लागू किया है, वह पूरे देश के लिए एक नजीर बन सकती है। यह दूरदर्शी कदम साफ दिखाता है कि योगी सरकार शिक्षा के साथ-साथ प्रदेश के भविष्य यानी बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के प्रति कितनी संवेदनशील और गंभीर है।

Check Also

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए महाविनाशकारी भूकंप से खेल जगत स्तब्ध, फुटबॉलर लुकास ट्रेजो की पत्नी और दो मासूम बच्चों के शव मलबे से मिले

काराकास। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए प्रलयंकारी भूकंप ने पूरी दुनिया को झकझोर कर …