काराकास/नई दिल्ली। दुनिया के अलग-अलग कोनों में बीते 24 घंटों के भीतर आए शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंपों ने वैश्विक स्तर पर भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लैटिन अमेरिकी देश वेनेजुएला में महज 39 सेकंड के भीतर आए दो बैक-टू-बैक (7.1 और 7.5 तीव्रता) भूकंपों ने ऐसी तबाही मचाई है, जिसकी कल्पना मात्र से रूह कांप जाए। मलबे के नीचे दबने से हजारों लोगों के हताहत होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
वेनेजुएला में आए इस महाविनाश के साथ-साथ उत्तरी कैलिफोर्निया, जापान और भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भी लगातार भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। एक ही समय में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में हुई इस अप्रत्याशित भूगर्भीय हलचल ने वैज्ञानिकों और आम जनता के बीच इस बड़ी चिंता को जन्म दे दिया है कि क्या पृथ्वी के गर्भ में कोई महा-संकट पक रहा है।
वेनेजुएला में 39 सेकंड का महाविनाश, राजधानी में आपातकाल और सुनामी का अलर्ट
वेनेजुएला की राजधानी काराकास और मोरोन शहर इस भयानक प्राकृतिक आपदा से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। रिक्टर स्केल पर 7.5 तीव्रता वाले मुख्य झटके के कारण दर्जनों बहुमंजिला इमारतें और रिहायशी कॉम्प्लेक्स ताश के पत्तों की तरह ढह गए। देश के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सिमोन बोलिवार एयरपोर्ट) का एक बहुत बड़ा हिस्सा जमींदोज हो गया है, जिसके कारण सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए पूरे देश में तत्काल प्रभाव से राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) घोषित कर दिया गया है। चूंकि वेनेजुएला का एक बड़ा हिस्सा तटीय है, इसलिए कैरेबियन सागर में सुनामी का हाई अलर्ट भी जारी किया गया है, जिसने तटीय इलाकों में रहने वाले लाखों निवासियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। युद्धस्तर पर मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने का काम जारी है।
अमेरिका, जापान और भारत का जम्मू-कश्मीर भी भूकंप से कांपा
वेनेजुएला के अलावा दुनिया के तीन अन्य बड़े रणनीतिक क्षेत्र भी भूकंप की इस रहस्यमयी चेन से दहल उठे हैं:
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उत्तरी कैलिफोर्निया (अमेरिका): यहाँ के ग्रामीण और कृषि प्रधान इलाके में 5.6 तीव्रता का भीषण भूकंप आया। भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले 90 वर्षों में इस क्षेत्र में दर्ज किया गया यह सबसे बड़ा और खतरनाक झटका है। भूकंप के झटके के तुरंत बाद 6,000 से अधिक घरों की बिजली (बत्ती) गुल हो गई और लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स ने लोगों को रात भर सोने नहीं दिया।
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जापान: अपनी उन्नत तकनीक के लिए मशहूर जापान के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित इवाते और आओमोरी प्रांतों के तटीय क्षेत्रों में 6.9 तीव्रता का बेहद शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। भूकंप आते ही ऑटोमैटिक सेफ्टी सिस्टम के तहत बुलेट ट्रेनों (Shinkansen) के पहिए जहां के तहां रोक दिए गए। गनीमत यह रही कि यहाँ से किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
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जम्मू-कश्मीर (भारत): भारत के जम्मू-कश्मीर में भी घाटी के पुलवामा क्षेत्र को केंद्र बनाकर 3.5 तीव्रता का झटका महसूस किया गया। हालांकि तीव्रता कम थी, लेकिन वैश्विक खबरों के बीच आए इस झटके से लोग घबराकर और चिल्लाते हुए अपने घरों और दफ्तरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भाग निकले।
क्या पृथ्वी दे रही है किसी महा-विपत्ति का संकेत? जानिए क्या कहते हैं वैज्ञानिक
एक ही दिन में दुनिया के चार अलग-अलग हिस्सों के हिलने से सोशल मीडिया पर ‘कयामत’ और ‘महा-प्रलय’ जैसी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण इस पर बिल्कुल अलग और शांत करने वाला है। भू-वैज्ञानिकों (Geologists) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इन चारों भूकंपों का आपस में कोई भी सीधा या परोक्ष संबंध नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया भर में हर दिन हजारों की संख्या में छोटे-बड़े भूकंप आते हैं। 12 से 24 घंटे के भीतर अलग-अलग टेक्टोनिक प्लेट्स (Tectonic Plates) पर इन भूकंपों का आना महज एक संयोग (Coincidence) है। विज्ञान के पास फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण या तकनीक नहीं है जो यह साबित कर सके कि दुनिया के एक कोने में आया भूकंप हजारों किलोमीटर दूर स्थित किसी दूसरे टेक्टोनिक जोन में भूकंप को ट्रिगर कर सकता है। बहरहाल, इस वैश्विक हलचल ने दुनिया भर की आपदा प्रबंधन एजेंसियों (UN & International Disaster Relief) को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
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