Monday , 15 June 2026

राजस्थान में बेची जा रही थीं यूपी की बेटियां ! लखनऊ पुलिस ने किया इंसानी सौदागरों के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, दंपति समेत 6 गिरफ्तार

मोहनलालगंज (लखनऊ): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे मोहनलालगंज इलाके में पुलिस ने नाबालिग बच्चियों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक बेहद क्रूर और संगठित मानव तस्करी (Human Trafficking) गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह गरीब, अनाथ और बेसहारा नाबालिग लड़कियों को अपनी जाल में फंसाकर राजस्थान ले जाता था और वहां शादी के नाम पर लाखों रुपये में बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो सगी मासूम बहनों को सकुशल बरामद कर लिया है। इस घिनौने धंधे में शामिल एक शातिर दंपति समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

मां से मिलाने और नए कपड़ों का लालच देकर दो बहनों को किया गायब

इंसानियत को शर्मसार करने वाले इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब बीती 12 मई को मोहनलालगंज के गनियार निवासी कमलेशा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि उसकी मृत बेटी की दो मासूम बच्चियां (उम्र करीब 12 और 16 वर्ष) अचानक गायब हो गई हैं। महिला ने अपने ही एक बाल अपचारी रिश्तेदार और उसकी महिला सहयोगी प्रिया पटेल पर बच्चियों को बहला-फुसलाकर अगवा करने का शक जताया। मामला नाबालिग लड़कियों से जुड़ा होने के कारण डीसीपी (दक्षिणी) अमित कुमार आनंद ने तुरंत एक्शन लिया और पुलिस की चार विशेष टीमों का गठन कर तफ्तीश शुरू करवाई।

100 सीसीटीवी कैमरे खंगाले, बंद मोबाइल के बाद भी पुलिस ने ऐसे लगाया सुराग

आरोपियों ने बचने के लिए दोनों बच्चियों के मोबाइल फोन पूरी तरह बंद कर दिए थे, जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। लेकिन मोहनलालगंज पुलिस ने हार नहीं मानी। पुलिस टीमों ने लखनऊ से लेकर संभावित रास्तों के करीब 100 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी सर्विलांस और जमीनी मुखबिरों की मदद से आखिरकार पुलिस ने 18 मई को दोनों नाबालिग बहनों को आरोपियों के चंगुल से सकुशल छुड़ा लिया। जब बच्चियों और पकड़े गए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो जो सच सामने आया उसने पुलिस अफसरों को भी हैरान कर दिया।

व्हाट्सएप पर भेजी जाती थीं तस्वीरें, राजस्थान के कोटा में होता था सौदा

पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह के तार राजस्थान के कोटा क्षेत्र से जुड़े हैं। गिरोह के सदस्य अनुराग यादव, प्रिया पटेल, मोहम्मद अख्तर और राजस्थान निवासी भूपेन्द्र चौहान अपनी पत्नी सोनम के साथ मिलकर यह रैकेट चला रहे थे। ये लोग पहले लड़कियों को उनकी मां से मिलाने, शॉपिंग कराने और अच्छे कपड़े दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले आते थे। इसके बाद लड़कियों की तस्वीरें व्हाट्सएप के जरिए राजस्थान भेजी जाती थीं। वहां से सौदा तय होने के बाद लड़कियों को राजस्थान ले जाकर उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन अधेड़ उम्र के पुरुषों से शादी करा दी जाती थी। जांच में पता चला कि यह गिरोह रायबरेली की भी एक नाबालिग लड़की को इसी तरह बेच चुका था, जो किसी तरह तीन दिन बाद अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकली थी।

शादी समारोह में बनी थी मास्टरमाइंड, एक लड़की पर मिलते थे ₹2 लाख

पुलिसिया जांच में सामने आया कि लखनऊ की प्रिया पटेल साल 2020 में राजस्थान की सोनम से एक शादी के दौरान मिली थी। सोनम ने ही प्रिया को गरीब और सुंदर लड़कियों की शादी करवाकर मोटी कमाई करने का लालच दिया था। इसके बाद प्रिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसे गरीब परिवारों को टारगेट करना शुरू किया जिनके माता-पिता नहीं थे। एक लड़की का सौदा करने के एवज में प्रिया को डेढ़ से दो लाख रुपये मिलते थे। पुलिस ने पहले चार आरोपियों को जेल भेजा था और शनिवार को मुख्य आरोपी दंपति भूपेंद्र और सोनम को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। डीसीपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस गैंग के पूरे नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया जाएगा। इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन में दरोगा सौरभ सिंह, अरुण कुमार दिवाकर और महिला सिपाही शीतल चौहान ने मुख्य भूमिका निभाई।

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