नई दिल्ली : चिलचिलाती धूप, उमस और जानलेवा लू का सामना कर रहे उत्तर भारत के लोगों के लिए मौसम का मिजाज बदला-बदला और राहत भरा बना हुआ है। देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आसमान में बादलों का डेरा है, जिससे अधिकतम तापमान गिरकर 38 डिग्री सेल्सियस के आस-पास पहुंच गया है। ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आगामी 3 जून तक मौसम ऐसा ही खुशनुमा बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, मौसम का यह रूप हर जगह राहत देने वाला नहीं है; जहां उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर लंबा खिंचने का अनुमान है, वहीं बिहार में जून के पहले हफ्ते से एक बार फिर लू (Heatwave) की वापसी होने जा रही है।

दिल्ली में आज हल्की बारिश के आसार, सामान्य से 3 डिग्री कम रहेगा पारा
दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में अगले तीन दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 1 जून को दिल्ली का अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा सकता है। यह तापमान साल के इस समय रहने वाले सामान्य तापमान से करीब 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस तक कम है।
हवाओं की गति की बात करें तो सुबह के समय दक्षिण-पूर्वी दिशा से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगे, जो दोपहर होते-होते 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। शाम और रात के वक्त हवाओं का रुख बदलकर दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर हो जाएगा। मौसम विभाग ने आज दिल्ली के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और बारिश की संभावना जताई है, जिससे तापमान नियंत्रण में रहेगा।
केदारनाथ यात्रा अस्थाई रूप से रुकी; पहाड़ों पर 6 दिनों तक आफत की बारिश
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को भी अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तराखंड में अगले 6 दिनों तक बारिश का यह सिलसिला थपने वाला नहीं है। विशेषकर 1, 5 और 6 जून को मैदानी और पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है और इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की आशंका है।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने देश के अन्य पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी बुलेटिन जारी किया है:
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हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 1 से 6 जून तक लगातार छिटपुट बारिश।
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बिहार, झारखंड और ओडिशा: बिहार में 1 और 6 जून को, झारखंड में 31 मई से 6 जून तक और ओडिशा में 2 से 6 जून तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है।
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बिहार में लू का अलर्ट: बिहार के लोगों के लिए चिंता की बात यह है कि 4 जून से राज्य में एक बार फिर भीषण लू (Heatwave) का नया दौर शुरू हो सकता है।
यूपी के सभी 75 जिलों में ‘हाई अलर्ट’, पश्चिमी विक्षोभ का दिख रहा असर
उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से धूल भरी आंधी, ओलावृष्टि और तेज बारिश का जो तांडव देखने को मिल रहा है, वह अभी और लंबा खिंच सकता है। मौसम विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए रविवार को सूबे के सभी 75 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। राज्य के कई हिस्सों में इस बेमौसम आंधी और ओलावृष्टि की वजह से भारी जनहानि हुई है और खेतों में खड़ी फसलें भी बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते यूपी के मौसम में यह बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही, राजस्थान में आज से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की विनाशकारी रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने का दौर शुरू हो रहा है, जबकि गुजरात में 31 मई से 2 जून के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
मानसून को लेकर आया बड़ा अपडेट, 3 से 4 दिनों में केरल तट पर देगा दस्तक
देश के करोड़ों किसानों और आम लोगों के लिए राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून बहुत तेजी से केरल की ओर आगे बढ़ रहा. है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा फोरकास्ट रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मानसून केरल के तट से टकरा सकता है।
आईएमडी ने कहा कि वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप द्वीप समूह, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और बंगाल की खाड़ी के मध्य व उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। आमतौर पर देश में मानसून की एंट्री 1 जून के आसपास होती है। लेकिन पिछले साल यानी 2025 में मानसून ने सबको चौंकाते हुए तय समय से 8 दिन पहले, 24 मई को ही केरल में दस्तक दे दी थी और महज एक महीने के भीतर यानी 29 जून 2025 तक पूरे देश को कवर कर लिया था। इस साल भी जून के शुरुआती दिनों में ही केरल में मानसूनी बौछारें शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
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