Friday , 29 May 2026

कौशाम्बी में आंधी-तूफान का ‘कहर’: कच्चे मकान पर गिरा विशालकाय नीम का पेड़, मलबे में दबकर मां और दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत, एक घायल

कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में गुरुवार की रात आई भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार को पल भर में उजाड़ कर रख दिया। जिले के अलग-अलग इलाकों में आंधी-पानी की वजह से भारी नुकसान की खबरें हैं, लेकिन सबसे दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र में सामने आया है। यहां एक कच्चे मकान पर विशालकाय नीम का पेड़ गिरने से मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया। इस दर्दनाक हादसे में मां और उसके दो मासूम बच्चों की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।

रात में गहरी नींद में सो रहा था परिवार, अचानक काल बनकर गिरा पेड़

दिल को झकझोर देने वाली यह घटना पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात अचानक मौसम का मिजाज बदला और तेज कड़क के साथ आंधी-तूफान और भारी बारिश शुरू हो गई। इस दौरान 26 वर्षीय माया देवी अपने तीन मासूम बच्चों के साथ घर के अंदर सो रही थीं। तभी आधी रात को आए तेज बवंडर के कारण मकान के पास खड़ा एक बेहद पुराना और विशालकाय नीम का पेड़ उखड़कर सीधे उनके कच्चे मकान पर जा गिरा। पेड़ का वजन और आंधी का वेग इतना ज्यादा था कि कच्चा मकान ताश के पत्तों की तरह धड़ाम से ढह गया। कमरे के अंदर सो रहा पूरा परिवार मलबे के नीचे दफन हो गया।

चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, मलबे से निकले मां-बेटे और बेटी के शव

मकान गिरते ही मलबे के नीचे दबे बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण अपनी जान की परवाह किए बिना मौके पर दौड़े। तेज बारिश और कड़कती बिजली के बीच ग्रामीणों ने तुरंत अपने स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मलबे को हटाना शुरू किया। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक टीम को भी दी गई। लेकिन जब तक ग्रामीण मलबे को हटा पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मलबे से जब परिवार को बाहर निकाला गया, तो 26 वर्षीय मां माया देवी, उनके 3 साल के बेटे अनुभव और 5 साल की मासूम बेटी श्वेता की सांसें थम चुकी थीं। वहीं, 7 साल का बेटा अंकुश मलबे के नीचे गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिला, जिसे ग्रामीणों और पुलिस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

ईंट-भट्ठे पर काम करने गया था पति, घर लौटा तो उजड़ चुकी थी दुनिया

इस बेहद दुखद हादसे का एक और दर्दनाक पहलू यह है कि जब यह पूरी घटना हुई, तब मृतका माया देवी के पति मंगर सरोज घर पर मौजूद नहीं थे। वह अपने परिवार का पेट पालने के लिए एक ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करने गए हुए थे। आधी रात को जब उन्हें गांव वालों से फोन पर इस कयामत की सूचना मिली, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बदहवास हालत में जब मंगर सरोज अपने गांव पहुंचे, तो घर की जगह सिर्फ मलबे का ढेर और अपने कलेजे के टुकड़ों की लाशें देखकर वह फूट-फूटकर रो पड़े। मंगर की चीखें सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव में इस समय चूल्हा तक नहीं जला है और हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ है। सूचना मिलने पर पहुंची प्रशासन की टीम ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और पीड़ित परिवार को हर संभव सरकारी मदद दिलाने का भरोसा दिया है।

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