Friday , 22 May 2026

Weather Alert: दिन में ‘लू’ और रात में भयंकर ‘तपिश’, देश के 35 शहरों में रात का पारा 30°C पार; UP में 3 दिन का रेड अलर्ट

नई दिल्ली/लखनऊ। देश के एक बड़े हिस्से में सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में मौसम के तेवर इतने तल्ख हैं कि अब दिन तो दूर, रातों को भी चैन नहीं मिल रहा है। इस बार सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि दिनभर चलने वाली भयंकर हीटवेव (लू) के बाद रातें भी लगातार गर्म बनी हुई हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे राहत नहीं मिल पा रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, देश के कम से कम 35 बड़े शहरों में गुरुवार की रात का तापमान 30°C से ऊपर दर्ज किया गया। इसमें सबसे बुरा हाल राजस्थान के हनुमानगढ़ का रहा, जहां रात का पारा रिकॉर्ड 33.7°C तक पहुंच गया।

वर्तमान में देश का आधा से ज्यादा हिस्सा भीषण गर्मी की चपेट में आकर बुरी तरह तप रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान सहित 10 प्रमुख राज्यों के 24 शहरों में गुरुवार को दिन का अधिकतम तापमान 45°C के पार चला गया। उत्तर प्रदेश का बांदा जिला 47.6°C तापमान के साथ लगातार पांचवें दिन पूरे देश में सबसे गर्म स्थान दर्ज किया गया। वहीं, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में भी पारा 47°C को छू गया।

UP में 3 दिन का ‘रेड अलर्ट’, बिहार में स्कूल बंद और वज्रपात से मौतें

मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश में अगले 3 दिनों के लिए भीषण हीटवेव का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। उधर, बिहार में जानलेवा गर्मी को देखते हुए राजधानी पटना और गयाजी में 22 से 26 मई तक पांचवीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को पूरी तरह बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। इस बीच बिहार के मधेपुरा और सहरसा जिलों में गुरुवार को अचानक मौसम बदला और तेज बारिश हुई, लेकिन इस दौरान आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

जल संकट से बचाव: गर्मियों में पानी बचाने और स्टोर करने के 11 आसान तरीके

गर्मियों के मौसम में पीने, नहाने, खाना पकाने से लेकर साफ-सफाई तक में पानी की खपत कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में पानी की बर्बादी को रोकना और सही तरीके से स्टोरेज करना बेहद जरूरी हो जाता है। आइए आज ‘जरूरत की खबर’ में जानते हैं पानी बचाने के 11 बेहतरीन टिप्स, गर्मियों में होने वाली किल्लत की वजह और घर में पानी के सही स्टोरेज का गणित:

  • लीकेज को तुरंत ठीक करें: घर के किसी भी नल, पाइप या फ्लश टैंक से होने वाले धीमे लीकेज को तुरंत ठीक करवाएं। बूंद-बूंद टपकता पानी दिनभर में सैकड़ों लीटर बर्बाद कर देता है।

  • बाल्टी और मग का इस्तेमाल: कार, बाइक धोने या पोछा लगाने के लिए सीधे पाइप का इस्तेमाल करने के बजाय बाल्टी और मग का प्रयोग करें। इससे 80% तक पानी बचाया जा सकता है।

  • शावर की जगह बाल्टी से नहाएं: गर्मियों में बार-बार शावर के नीचे नहाने से पानी की भारी बर्बादी होती है। नहाने के लिए हमेशा बाल्टी का ही इस्तेमाल तय करें।

  • RO के वेस्ट वाटर का रीयूज: वाटर प्यूरीफायर (RO) से निकलने वाले रिजेक्टेड पानी को एक बड़ी बाल्टी में इकट्ठा करें। इसका उपयोग पोछा लगाने, बर्तन धोने और पौधों में डालने के लिए करें।

  • सब्जियां धोने के बाद वह पानी पौधों में डालें: रसोई में सब्जियां और फल धोने के लिए किसी बर्तन का इस्तेमाल करें और उस पानी को फेंकने के बजाय गमलों में डाल दें।

  • वॉशिंग मशीन का फुल लोड: कपड़ों को रोज-रोज थोड़े-थोड़े धोने के बजाय वॉशिंग मशीन की क्षमता के अनुसार फुल लोड होने पर ही चलाएं, ताकि बार-बार पानी न बदले।

  • टैप एरेटर (Aerator) लगवाएं: घर के सभी नलों में वॉटर सेविंग एरेटर या जाली लगवाएं। यह पानी के फ्लो को कम किए बिना हवा के साथ मिलाकर प्रेशर देता है, जिससे पानी कम खर्च होता है।

  • जरूरत भर ही फ्लश करें: टॉयलेट में लगे सिंगल और डबल फ्लश बटनों का समझदारी से उपयोग करें। बिना वजह बार-बार फ्लश चलाने से बचें।

  • पौधों को पानी देने का सही समय: पौधों को हमेशा सुबह जल्दी या शाम को सूरज ढलने के बाद ही पानी दें। दोपहर में पानी देने से वह तुरंत भाप बनकर उड़ जाता है और पौधों को पूरा पोषण नहीं मिलता।

  • बर्तनों को भिगोकर साफ करें: सिंक में सीधे बहते नल के नीचे बर्तन साफ करने के बजाय, उन्हें पहले पानी के टब में थोड़ी देर भिगो दें और फिर कम पानी में साफ करें।

  • शेविंग और ब्रश करते समय नल बंद रखें: अक्सर लोग ब्रश या शेविंग करते समय नल को लगातार खुला छोड़ देते हैं। इस आदत को बदलें और जरूरत पड़ने पर ही नल खोलें।

क्यों होती है गर्मियों में पानी की किल्लत और कितना होना चाहिए स्टोरेज?

गर्मियों में तापमान बढ़ने से जलाशयों, नदियों और ग्राउंड वाटर का जलस्तर तेजी से नीचे चला जाता है। साथ ही वाष्पीकरण (Evaporation) की दर बढ़ने और इंसानी खपत दोगुनी होने से वाटर सप्लाई लाइनों पर दबाव बढ़ जाता है। एक सामान्य अनुमान के मुताबिक, गर्मियों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 135 से 150 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में 4 सदस्यों वाले एक मध्यम परिवार के घर में कम से कम 2 से 3 दिनों का बैकअप (लगभग 1000 से 1500 लीटर) वाटर स्टोरेज टैंक हमेशा होना चाहिए, ताकि सप्लाई बाधित होने पर भी दिक्कत न हो।

अगले दो दिन कैसा रहेगा आपके राज्य में मौसम का हाल?

23 मई का मौसम पूर्वानुमान:

मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में गंभीर हीटवेव (Severe Heatwave) का अलर्ट जारी किया गया है, जहां रातें भी अत्यधिक गर्म रहने वाली हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में भयंकर लू चलेगी। दूसरी तरफ, राहत की बात यह है कि पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

24 मई का मौसम पूर्वानुमान:

बिहार, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान और तेलंगाना में लू (Heatwave) की स्थिति लगातार बनी रहेगी। पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हवा में भारी नमी के कारण मौसम बेहद गर्म और उमसभरा (Humid) रहेगा। वहीं, दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और झारखंड के कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान और धूल भरी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

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