Friday , 15 May 2026

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में कुदरत का कोहराम, आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 111 की मौत; सीएम योगी का 24 घंटे में मुआवजे का आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 13 मई की तारीख काल बनकर आई। राज्य के कई हिस्सों में आए भीषण आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और आसमानी बिजली ने ऐसी तबाही मचाई कि देखते ही देखते उत्तर प्रदेश के 26 जिले मातम में डूब गए। पिछले 24 घंटों के भीतर कुदरत के इस कहर ने 111 लोगों की जान ले ली है, जबकि 72 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जान-माल के इस भारी नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाने और पीड़ितों को तत्काल आर्थिक मदद पहुंचाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

मौत का तांडव: प्रयागराज और मिर्जापुर में सबसे ज्यादा तबाही

राज्य में आए इस प्राकृतिक संकट का सबसे भयावह मंजर प्रयागराज में देखने को मिला, जहां बिजली गिरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं में 21 लोगों की मौत हो गई। वहीं, मिर्जापुर में 19, भदोही (संत रविदास नगर) में 16 और फतेहपुर में 11 लोगों ने अपनी जान गंवाई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस आपदा में न केवल इंसान बल्कि बेजुबान पशुओं पर भी कहर टूटा है; करीब 170 पशुओं की मौत हुई है और 227 मकान पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

सीएम योगी के कड़े तेवर: 24 घंटे में पीड़ितों को मिले सहायता राशि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस त्रासदी का तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों (DM) को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों का सत्यापन कर उन्हें अनुग्रह सहायता राशि वितरित कर दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अधिकारी दफ्तरों में बैठने के बजाय सीधे पीड़ित परिवारों से संवाद करें और उनकी जरूरतों को पूरा करें। सीएम ने चेतावनी भी दी है कि यदि राहत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी हुई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राहत आयुक्त की समीक्षा और ‘सचेत’ पोर्टल से अलर्ट

आपदा की स्थिति पर नजर रखने के लिए राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रभावित जिलों के आला अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी की जा रही है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद ‘सचेत’ पोर्टल के माध्यम से आम जनता को करीब 34 करोड़ 64 लाख रेड और ऑरेंज अलर्ट मैसेज भेजे गए थे। किसी भी प्रकार की आपातकालीन मदद के लिए आपदा हेल्पलाइन नंबर 1070 को सक्रिय रखा गया है, जहां आने वाली शिकायतों का तुरंत निस्तारण किया जा रहा है।

मैदान में उतरेंगे प्रभारी मंत्री, शुरू हुआ राहत वितरण

पीड़ितों के घावों पर मरहम लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को भी मैदान में उतरने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी मंत्री अपने आवंटित जिलों का दौरा करेंगे और राहत कार्यों की खुद समीक्षा करेंगे। जिलाधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को चेक और आरटीजीएस के माध्यम से मुआवजा राशि देना शुरू कर दिया है। सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि बेघर हुए लोगों और अपनों को खोने वाले परिवारों तक सरकारी मदद बिना किसी बाधा के सबसे पहले पहुंचे।

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