Thursday , 28 May 2026

Uttarakhand Cabinet: धामी सरकार में विभागों के बंटवारे पर टिकी निगाहें, मंत्रियों के ‘कद’ और ‘पावर’ का होगा असली टेस्ट

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट विस्तार के जरिए लंबे समय से चली आ रही अटकलों पर विराम तो लगा दिया है, लेकिन असली सस्पेंस अब शुरू हुआ है। राज्य की सियासत में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि किस मंत्री के हिस्से कौन सा विभाग आएगा? सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि विभागों का यह आवंटन न केवल मंत्रियों का राजनीतिक कद तय करेगा, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए धामी सरकार की रणनीति का रोडमैप भी तैयार करेगा।

इन ‘मलाईदार’ विभागों पर टिकी है सबकी नजर

उत्तराखंड की राजनीति में लोक निर्माण विभाग (PWD), ऊर्जा, पर्यटन, शहरी विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महकमों को हमेशा से ‘हाईप्रोफाइल’ माना जाता रहा है। वर्तमान में कैबिनेट मंत्री चंदनराम दास के निधन और प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद कई महत्वपूर्ण विभाग मुख्यमंत्री के पास ही हैं। अब मदन कौशिक और खजान दास जैसे अनुभवी चेहरों के साथ-साथ भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा जैसे नए मंत्रियों के बीच इन भारी-भरकम विभागों के संतुलन को साधना मुख्यमंत्री के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।

पुराने मंत्रियों के विभागों में बड़े फेरबदल के संकेत

सूत्रों की मानें तो केवल नए मंत्रियों को विभाग सौंपना ही सीएम का एकमात्र एजेंडा नहीं है। पिछले चार वर्षों से एक ही विभाग संभाल रहे पुराने मंत्रियों के प्रदर्शन की भी गहन समीक्षा की गई है। चर्चा है कि ‘परफॉर्म या ट्रांसफर’ की नीति के तहत कुछ कद्दावर मंत्रियों के विभागों में कैंची चल सकती है, वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वालों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह फेरबदल स्पष्ट करेगा कि सरकार के भीतर मुख्यमंत्री की पकड़ कितनी मजबूत है और वे संगठन को क्या संदेश देना चाहते हैं।

2027 का चुनाव और क्षेत्रीय संतुलन की चुनौती

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने सबसे बड़ा लक्ष्य 2027 का विधानसभा चुनाव है। विभागों के बंटवारे में गढ़वाल और कुमाऊं के क्षेत्रीय संतुलन के साथ-साथ जातिगत समीकरणों का भी ध्यान रखा जाना तय है। नए चेहरों को प्रभावशाली विभाग देकर धामी यह संदेश देना चाहते हैं कि सरकार में ऊर्जावान नेतृत्व को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, अनुभवी मंत्रियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर वे प्रशासनिक कार्यकुशलता को बनाए रखना चाहते हैं।

धामी सरकार के 4 साल: जश्न की तैयारी और विभागीय शिविर

मंत्रिमंडल की इस हलचल के बीच धामी सरकार के चार साल पूरे होने का जश्न भी शुरू हो गया है। 23 से 25 मार्च तक पूरे प्रदेश में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि इन तीन दिनों में न केवल सरकार की उपलब्धियां गिनाई जाएं, बल्कि जन-कल्याणकारी शिविरों के जरिए सीधे आम जनता तक पहुंचा जाए। सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से सरकार अपनी ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रदर्शन भी करेगी।

Check Also

IPL 2026 Eliminator SRH vs RR: वैभव सूर्यवंशी के तूफान में उड़ी सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स ने 47 रनों से रौंदकर क्वालिफायर-2 में मारी एंट्री

न्यू चंडीगढ़: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के नॉकआउट स्टेज का रोमांच अपने चरम पर …