Friday , 18 September 2026

5 मिनट की गूगल मीट कॉल में अमेरिकी कंपनी ने 80 भारतीयों को निकाला: वर्क फ्रॉम होम कराकर अचानक छीन ली नौकरी, क्या एआई बना छंटनी की वजह

 कॉरपोरेट जगत की संवेदनहीनता का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक अमेरिकी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी ने महज पांच मिनट की वर्चुअल कॉल में अपनी पूरी भारतीय कस्टमर सर्विस टीम को बाहर का रास्ता दिखा दिया। न्यू जर्सी स्थित फिनटेक कंपनी ‘ब्लू वाइन’ (Bluevine) द्वारा अचानक लिए गए इस फैसले की दास्तान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट के आर/इंडिया वर्कप्लेस (r/IndiaWorkplace) ग्रुप पर एक पीड़ित कर्मचारी ने साझा की है। कर्मचारी के अनुसार, छंटनी वाले दिन मैनेजमेंट ने बड़ी चालाकी से सभी 80 कर्मचारियों को ‘ऑपरेशनल वजहों’ का हवाला देकर दफ्तर आने के बजाय घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने का निर्देश दिया था, ताकि दफ्तर में किसी विरोध का सामना न करना पड़े।

शिफ्ट के बीच रात 9:30 बजे भेजा लिंक, 5 मिनट में कर दिया बर्खास्त कर्मचारी ने बताया कि पूरी टीम शाम 6:30 बजे से अपनी नियमित शिफ्ट पर काम कर रही थी। शिफ्ट शुरू होने के ठीक तीन घंटे बाद रात 9:30 बजे अचानक सभी कर्मचारियों को गूगल मीट का एक लिंक भेजकर आपात वर्चुअल मीटिंग में जुड़ने को कहा गया। कॉल शुरू होते ही सीनियर मैनेजमेंट ने बिना किसी पूर्व सूचना, चेतावनी या नोटिस दिए दो टूक कह दिया कि पूरी भारतीय कस्टमर सपोर्ट यूनिट को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जा रहा है। महज पांच मिनट के भीतर यह पूरी बातचीत खत्म कर दी गई और प्रबंधन ने कथित तौर पर खराब प्रदर्शन (परफॉरमेंस इश्यू) और उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने को इसकी वजह बताया, जबकि कर्मचारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे प्रबंधन का मनगढ़ंत बहाना करार दिया है।

कॉल खत्म होते ही एक्सेस ब्लॉक, एआई टूल्स ने ली इंसानों की जगह मीटिंग खत्म होते ही मैनेजमेंट ने इतनी हड़बड़ी दिखाई कि कुछ ही पलों में सभी कर्मचारियों के ऑफिशियल ईमेल, स्लैक और आंतरिक सिस्टम के एक्सेस तुरंत ब्लॉक कर दिए गए, जिससे वे अपनी बात रखने या फेयरवेल मैसेज तक भेजने से महरूम रह गए। इस सामूहिक छंटनी के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का बढ़ता दखल माना जा रहा है। कंपनी ने हाल ही में कॉल और ईमेल सपोर्ट के लिए एडवांस्ड एआई टूल्स तैनात किए थे, जिसके चलते इंसानी सपोर्ट की जरूरत में 30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके बाद बचे-खुचे काम को एक बाहरी थर्ड-पार्टी वेंडर को आउटसोर्स कर दिया गया और 80 पक्के कर्मचारियों को अचानक सड़क पर ला खड़ा किया गया। भावुक कर्मचारी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि महज पांच मिनट की एक कॉल ने 80 परिवारों को संकट में धकेल दिया, जबकि कर्मचारी कॉरपोरेट्स के लिए दिन-रात खून-पसीना एक करते हैं।

नए कर्मचारियों को बिना हर्जाने के निकाला, सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा कंपनी के इस रवैये में सबसे ज्यादा मार हाल ही में नियुक्त हुए कर्मचारियों पर पड़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, नई जॉइनिंग वाले कर्मियों को बिना किसी नोटिस पीरियड और बिना किसी वित्तीय हर्जाने के फौरन बाहर कर दिया गया। कंपनी ने केवल कुछ पुराने व पात्र कर्मियों को उनके अनुबंध के अनुसार नोटिस पीरियड का मूल भुगतान देने की बात कही है, लेकिन किसी भी अतिरिक्त वेतन या उचित विच्छेद पैकेज (सेवरेंस पे) का ऐलान नहीं किया गया है। अमेरिकी डिजिटल बैंक ब्लू वाइन वैश्विक स्तर पर करीब 1,000 कर्मियों का संचालन करती है और छोटे व मध्यम उद्योगों को लोन, बैंकिंग व पेमेंट सेवाएं मुहैया कराती है। भारत में कार्यरत इसकी पूरी सपोर्ट टीम को इस अमानवीय तरीके से हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा भड़क उठा है और लोग कंपनी के प्रबंधन की जमकर आलोचना कर रहे हैं।

 

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