Saturday , 12 September 2026

मोदी-पुतिन महामंथन: यूक्रेन जंग से लेकर भारतीय नाविकों की सुरक्षा तक अहम चर्चा, पीएम मोदी को मिला रूस आने का न्योता

 

नई दिल्ली। भारत की राजधानी नई दिल्ली में कूटनीति का बड़ा मंच सज चुका है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन के बीच भारत मंडपम में द्विपक्षीय वार्ता संपन्न हुई। तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ इस उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, अंतरिक्ष और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही वैश्विक भू-राजनीतिक हालात, यूक्रेन संघर्ष और समुद्री सुरक्षा के संवेदनशील पहलुओं पर दोनों शीर्ष नेताओं ने खुलकर अपने विचार साझा किए।

काला सागर संकट और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर जोर विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय पटल पर जारी उथल-पुथल विशेष रूप से पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के ताजा हालात पर बातचीत हुई। काला सागर क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों से वैश्विक समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर जो जोखिम उत्पन्न हुआ है, उस पर विशेष चिंता जताई गई। प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरराष्ट्रीय तनावों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति के मार्ग को ही एकमात्र विकल्प बताते हुए स्पष्ट किया कि भारत दुनिया में स्थायी शांति स्थापित करने के हर प्रयास में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार है।

‘इनोप्रोम इंडिया’ प्रदर्शनी का दौरा और रणनीतिक साझेदारी दोनों नेताओं ने भारत में 9 से 11 सितंबर 2026 के दौरान पहली बार आयोजित हुई रूस की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘इनोप्रोम इंडिया’ का संयुक्त रूप से दौरा किया और वहां मौजूद प्रतिभागियों से संवाद साधा। इस मंच को दोनों देशों के औद्योगिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती देने वाला कदम बताया गया। वार्ता में भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते निरंतर प्रगाढ़ और स्थिर बने हुए हैं।

24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन का न्योता स्वीकार यह बैठक 2026 में दोनों नेताओं की दूसरी आमने-सामने की मुलाकात रही। इससे पहले 31 अगस्त 2026 को बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर भी दोनों की चर्चा हुई थी। इस ताजा बैठक के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को रूस में आयोजित होने वाले 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया। इस यात्रा की तिथियां राजनयिक स्तर पर तय की जाएंगी।

सांस्कृतिक कूटनीति: पुतिन को भेंट की ‘तिरुक्कुरल’ मुलाकात के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने सांस्कृतिक और वैचारिक आदान-प्रदान को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति पुतिन को तमिल साहित्य के महान ग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ का रूसी अनुवाद भेंट किया। अमर कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की कालजयी शिक्षाओं पर आधारित यह कृति सीमाओं और भाषाओं के पार मानव कल्याण और नीतिपरक जीवन का संदेश देती है। पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत पहुंचे हैं, जो भारत की अध्यक्षता में वैश्विक दक्षिण (ग्लोबल साउथ) की प्राथमिकताओं को नई दिशा देगा।

 

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