
नई दिल्ली । देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के विदा होने की उल्टी गिनती भले ही शुरू हो चुकी हो, लेकिन बादलों की मेहरबानी और आफत का सिलसिला अभी थमने के मूड में नहीं है। देश के विभिन्न हिस्सों में एक साथ कई शक्तिशाली मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने के चलते 18 सितंबर को उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के विस्तृत भूभाग में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य भारत के लिए ताजा मौसम चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। दूसरी तरफ, 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के छोर से मॉनसून की वापसी का सफर भी औपचारिक रूप से शुरू होने जा रहा है।
एक साथ सक्रिय हुए कई वेदर सिस्टम, समुद्र से मैदानी इलाकों तक हलचल देशभर में अचानक तेज हुई बारिश की गतिविधियों के पीछे वातावरण में बने कई चक्रवाती चक्र काम कर रहे हैं। सौराष्ट्र तट और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) पहले से बना हुआ है, जबकि मैदानी भागों से होकर गुजर रही मॉनसूनी ट्रफ लाइन वातावरण में नमी का स्तर लगातार बढ़ा रही है। इसके अलावा, दक्षिण-पूर्व एशिया की तरफ से उठा ऊपरी हवा का एक नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन तेजी से उत्तर अंडमान सागर की ओर बढ़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस नए सिस्टम के प्रभाव से 19 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी के पास एक ताजा कम दबाव का क्षेत्र निर्मित होगा, जो आगे बढ़कर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को प्रभावित करेगा। नतीजतन, पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय हिस्सों में आने वाले पूरे हफ्ते तक बारिश की झड़ी लगी रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा, उत्तर भारत के पर्वतीय व मैदानी इलाकों में अलर्ट राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्र में 18 सितंबर को बादलों की आवाजाही के बीच हल्की से मध्यम वर्षा के आसार बने हुए हैं। उत्तर भारत के मैदानी भागों में पूर्वी राजस्थान के अलग-अलग पॉकेट्स में मूसलाधार बारिश की आशंका है। इसके अतिरिक्त, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली कड़कने के साथ आकाशीय बादलों का रुख रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
यूपी-बिहार से लेकर बंगाल-ओडिशा तक पूर्वी भारत में झमाझम बारिश पूर्वी भारत के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुकी हैं। बिहार में 18 सितंबर को कई स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों सहित ओडिशा के कुछ तटीय व आंतरिक इलाकों में भी भारी वर्षा का अनुमान है। आईएमडी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गंगीय पश्चिम बंगाल में 18 से 20 सितंबर और फिर 23 सितंबर को भारी बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि ओडिशा में 21 से 23 सितंबर के दौरान मानसूनी बारिश में और तेजी आएगी। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में अगले 5 से 6 दिनों तक मौसम बेहद सक्रिय रहने वाला है।
19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से लौटेगा मॉनसून, लेकिन विदाई में होगी देरी मौसम विभाग का आकलन है कि 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की क्रमिक वापसी (Withdrawal) प्रारंभ हो जाएगी। हालांकि, इसका यह बिल्कुल अर्थ नहीं है कि देश भर से बरसात का सिलसिला खत्म हो जाएगा। देश के बाकी हिस्सों, खासकर मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में नए वेदर सिस्टम के कारण पर्याप्त नमी मौजूद रहेगी, जिसके चलते कई राज्यों में बारिश का सिलसिला अभी जारी रहेगा।
मध्य भारत में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, वज्रपात की आशंका मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मौसमी उठापटक तेज होने जा रही है। 18 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है। छत्तीसगढ़ में 20 से 23 सितंबर के दौरान भारी बारिश का नया दौर दस्तक देगा, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
गुजरात, कोंकण और महाराष्ट्र के तटों पर तूफानी हवाओं का जोर पश्चिम भारत के तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में अगले पांच दिन मौसम खासा हलचल भरा रहेगा। गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ और कोंकण-गोवा के कई हिस्सों में 18 से 23 सितंबर के बीच भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। गुजरात क्षेत्र में 18 और 19 सितंबर को भारी बारिश होगी, जबकि कोंकण-गोवा में 20 सितंबर से फिर नया दौर शुरू होगा। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।
दक्षिण भारत में समुद्र तटीय इलाकों में अलर्ट, 60 किमी की रफ्तार से झोंके दक्षिण प्रायद्वीप में केरल, माहे और लक्षद्वीप के साथ-साथ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18 सितंबर को भारी वर्षा का अंदेशा जताया गया है। तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में 20 से 23 सितंबर के दौरान बारिश का दायरा फैलेगा। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय भागों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाएं चल सकती हैं, जो बढ़कर 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों और स्थानीय नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
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