
भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या ने एक बार फिर खुद को ‘भगोड़ा’ कहे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भड़ास निकालते हुए माल्या ने दावा किया कि वह भारत लौटने से नहीं भाग रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि वह 1992 से ही यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) के स्थायी निवासी हैं और कानूनी बंदिशों के चलते फिलहाल देश नहीं छोड़ सकते। अपने पोस्ट में माल्या ने भारत सरकार पर अपने साथ घोर अन्याय करने का सीधा आरोप भी लगाया।
माल्या को भारत में ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ का दर्जा क्यों? माल्या के दावों से इतर भारत सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड में उन्हें ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किया जा चुका है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में स्पष्ट किया था कि भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (Fugitive Economic Offenders Act), 2018 के तहत अब तक 15 लोगों को आधिकारिक तौर पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है, जिसमें विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यही वजह है कि भारत सरकार और एजेंसियां उन्हें लगातार कानून के दायरे से भागे हुए अपराधी के तौर पर देखती हैं, जबकि माल्या का कहना है कि ब्रिटेन में उनकी मौजूदगी सिर्फ वहां चल रही कानूनी प्रक्रियाओं का नतीजा है।
प्रत्यर्पण पर भारत सरकार का रुख अडिग माल्या की वापसी को लेकर केंद्र सरकार का रुख बेहद सख्त और स्पष्ट है। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि कानून के तहत वांछित सभी अपराधियों को स्वदेश वापस लाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, प्रत्यर्पण से जुड़े मामलों में कई अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय कानूनी प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। भारत सरकार विभिन्न देशों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि आर्थिक अपराधों के आरोपी भारत लौटें और देश की अदालतों में ट्रायल का सामना करें।
14,131 करोड़ रुपये की वसूली पर माल्या का सवाल विजय माल्या ने बॉम्बे हाईकोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से दाखिल एक कथित हलफनामे का हवाला देते हुए एक और बड़ा दावा किया। माल्या के मुताबिक, इस हलफनामे में स्पष्ट उल्लेख है कि वर्ष 2021 में उनसे 14,131.60 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है।
माल्या ने सवाल दागा कि जब उनसे इतनी भारी-भरकम राशि की वसूली पूरी हो चुकी है, तो उन्हें अब भी बैंक धोखाधड़ी के आरोपी के तौर पर क्यों पेश किया जा रहा है? उन्होंने अकाउंट स्टेटमेंट से जुड़ी एक तालिका साझा करते हुए उल्टे यह पूछ लिया कि अब उन्हें उनकी अतिरिक्त रकम वापस कब मिलेगी।
किंगफिशर कर्मचारियों के बकाये पर भी दी सफाई किंगफिशर एयरलाइंस के कर्मचारियों के वेतन संकट पर सफाई देते हुए माल्या ने कहा कि ईडी ने उनके अटैच फंड से 350 करोड़ रुपये से अधिक की रकम कर्मचारियों के भुगतान के लिए जारी की थी। माल्या का तर्क है कि उनकी संपत्तियां और बैंक खाते सरकारी एजेंसियों द्वारा जब्त कर लिए गए थे, जिसके कारण वह खुद कर्मचारियों के बकाये का भुगतान करने में असमर्थ थे।
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