Friday , 18 September 2026

बच्चों के पासपोर्ट नियमों में बड़ा बदलाव: अब वैधता और फीस को लेकर नया आदेश जारी, जेब पर भी बढ़ेगा बोझ

नई दिल्ली विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे परिवारों और खासकर बच्चों के पासपोर्ट को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के तहत 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के साधारण भारतीय पासपोर्ट की वैधता सीमा तय कर दी गई है। नए प्रावधानों के अनुसार, अब यह पासपोर्ट जारी होने की तारीख से अधिकतम पांच वर्ष या बच्चे के 18 वर्ष का होने तक (दोनों में से जो भी पहले पूरा हो) ही वैध माना जाएगा। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट नियम, 1980 में बड़ा बदलाव करते हुए पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 को भारत के राजपत्र में आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है।

पासपोर्ट नियमों में क्या हुए अहम संशोधन अधिसूचना के अनुसार, संशोधित नियम 12(1ए) के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों को जारी किए जाने वाले 36 पन्नों के साधारण पासपोर्ट की वैधता को सीमित किया गया है। अब ऐसे दस्तावेज केवल पांच साल की अवधि या फिर बच्चे की आयु 18 वर्ष होने तक ही मान्य रहेंगे। इसके अलावा 15 सितंबर को जारी अधिसूचना के तहत नियम 8 में भी जरूरी बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत अब पासपोर्ट आवेदन की प्रत्येक श्रेणी के लिए निर्धारित शुल्क नियमों की अनुसूची चार (Schedule IV) में दिए गए नए प्रारूप के अनुसार ही वसूला जाएगा। यह सभी संशोधित नियम आधिकारिक गजट में प्रकाशित होने के साथ ही तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं।

सेवा शुल्क में इजाफा और इन वर्गों को मिलेगी राहत विदेश मंत्रालय ने हाल ही में पासपोर्ट से जुड़ी कई अहम सेवाओं के शुल्कों में संशोधन किया था। यह बढ़ा हुआ शुल्क ढांचा नए पासपोर्ट के लिए आवेदन, नवीनीकरण (रिन्युअल), तत्काल सेवा, खोए या फटे-पुराने पासपोर्ट के स्थान पर नया पासपोर्ट जारी कराने और पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (पीसीसी) जैसी विभिन्न श्रेणियों पर लागू है। इस बीच सरकार ने आठ वर्ष से कम आयु के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत बरकरार रखी है। इन श्रेणियों में नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट मिलती रहेगी, हालांकि ध्यान देने वाली बात यह है कि यह रियायत पासपोर्ट को दोबारा जारी (री-इश्यू) कराने वाले मामलों में लागू नहीं होगी।

वयस्कों के सामान्य और तत्काल पासपोर्ट का नया खर्च वयस्कों के लिए पासपोर्ट बनवाना अब पहले से अधिक महंगा हो गया है। 36 पन्नों वाले नए पासपोर्ट या रिन्युअल के लिए सामान्य आवेदन शुल्क को 1,500 रुपये से बढ़ाकर सीधे 2,500 रुपये कर दिया गया है। वहीं 60 पन्नों वाले जंबो पासपोर्ट (वयस्क, सामान्य) की फीस 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये हो गई है। अगर तत्काल योजना की बात करें, तो 36 पन्नों वाले सामान्य वयस्क पासपोर्ट के लिए अब 3,500 रुपये के स्थान पर 5,000 रुपये चुकाने होंगे। इसी वर्ग में 60 पन्नों वाले तत्काल पासपोर्ट का शुल्क 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इसके अलावा तत्काल श्रेणी में 60 पन्नों वाले वयस्क पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट की फीस को 5,500 रुपये से बढ़ाकर सीधे 8,500 रुपये कर दिया गया है।

नाबालिगों के लिए भी सेवाएं हुईं महंगी 18 साल से कम उम्र के बच्चों के पासपोर्ट आवेदन पर भी बढ़ी हुई दरों का सीधा असर पड़ा है। नाबालिगों के लिए 36 पन्नों वाले नए या दोबारा जारी होने वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दी गई है। वहीं अगर नाबालिग श्रेणी में 36 पन्नों का पासपोर्ट तत्काल कोटे के तहत बनवाया जाता है, तो इसके लिए अब 3,000 रुपये की जगह 4,250 रुपये का भुगतान करना होगा।

 

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