Monday , 7 September 2026

दिल्ली के सत्य निकेतन में ताश के पत्तों की तरह ढही 5 मंजिला इमारत: 5 की दर्दनाक मौत, दर्जनों के दबे होने की आशंका; बेसमेंट में चल रहा था काम, मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

नई दिल्ली (ब्यूरो)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार दोपहर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के साउथ कैंपस से सटे सत्य निकेतन इलाके की एक तंग गली में स्थित करीब 50 साल पुरानी पांच मंजिला रिहायशी इमारत अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। मलबे के ढेर में तब्दील हुई इस इमारत से अब तक कुल 10 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से 5 लोगों की मौत हो चुकी है। चार लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि एक गंभीर घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा। स्थानीय निवासियों का दावा है कि हादसे के वक्त बिल्डिंग के अंदर 30 से 50 लोग मौजूद हो सकते हैं, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मलबे में फंसे लोगों की सटीक संख्या को लेकर कोई अंतिम आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूरे मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।

मालिक हरिराम समेत अन्य पर गैर इरादतन हत्या की धाराओं में FIR दर्ज हादसे के तुरंत बाद साउथ कैंपस थाने की पुलिस ने त्वरित कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने एफआईआर संख्या 153/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 290 और 125(a) के अंतर्गत कथित इमारत मालिक हरिराम और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि पूरी इमारत को पेइंग गेस्ट (पीजी) हॉस्टल के रूप में चलाया जा रहा था। आरोप है कि बिना पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में भारी मरम्मत व नवीनीकरण (रिनोवेशन) का कार्य कराया जा रहा था, जिसके चलते कमजोर ढांचा लोड नहीं झेल सका और पूरी इमारत ढह गई। पुलिस की कई विशेष टीमें नामजद आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

बेसमेंट में भरा था बारिश का पानी, नींव दरकने से हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बेसमेंट सहित पांच मंजिला इस इमारत में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे अचानक तेज आवाज के साथ दरारें आईं और कुछ ही पलों में सब कुछ मलबे में समा गया। पास खड़े कई वाहन भी भारी मलबे की चपेट में आकर चकनाचूर हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजधानी में शुक्रवार से हो रही लगातार बारिश का पानी बिल्डिंग के बेसमेंट में जमा हो रहा था। 50 साल पुराना ढांचा होने और बेसमेंट में पानी भरने से इमारत की नींव बेहद कमजोर हो गई थी। इसी बीच चल रहे तोड़फोड़ और मरम्मत के काम ने ढांचे को पूरी तरह हिला कर रख दिया, जिससे यह भयानक त्रासदी घटित हुई।

एनडीआरएफ का महा-रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे के भीतर भेजे गए ऑक्सीजन सिलेंडर घटनास्थल पर युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो विशेष टीमें, जिनमें 70 से अधिक ट्रेंड कर्मी शामिल हैं, आधुनिक उपकरणों और खोजी श्वान दस्ते (स्निफर डॉग्स) के साथ मलबे में जिंदगियों की तलाश कर रहे हैं। दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर मुस्तैद हैं। एनडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि मलबे की गहराइयों में फंसे लोगों तक सांस लेने के लिए विशेष पाइपों के जरिए ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाए गए हैं, ताकि मलबे के नीचे फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

तंग गलियों में छात्रों की भारी भीड़, राहत कार्य में जुटे स्थानीय लोग सत्य निकेतन का यह इलाका बेहद संकरी और घनी गलियों के लिए जाना जाता है, जहां सैकड़ों पीजी और भोजनालय संचालित होते हैं। यहां आसपास के कॉलेजों में पढ़ने वाले देश भर के छात्र रहते हैं, जिनमें केरलम, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के छात्रों की तादाद काफी अधिक है। बेहद करीब-करीब बनी इमारतों की वजह से बचाव दलों को भारी मशीनें अंदर ले जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। संकट की इस घड़ी में स्थानीय युवाओं और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी मिसाल पेश की और एनडीआरएफ के पहुंचने से पहले ही अपने हाथों व साधारण औजारों से मलबा हटाकर लोगों को बचाने में जुट गए।

मुख्यमंत्री, एलजी और सांसदों ने लिया जायजा; पीएम और गृह मंत्री ने जताया शोक दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और स्थानीय सांसद बांसुरी स्वराज तुरंत ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। इस हृदयविदारक हादसे पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने गहरा दुख प्रकट किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री, दिल्ली पुलिस कमिश्नर और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के महानिदेशक से सीधे संपर्क कर जमीनी स्थिति और बचाव कार्यों का विस्तृत अपडेट लिया।

 

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